Sukhu Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 68 एजेंडों पर चर्चा हुई और कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। बैठक में सबसे बड़ी राहत युवाओं को मिली। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि हिमाचल में सरकारी नौकरियों पर कोई बैन नहीं लगेगा और ओल्ड पेंशन स्कीम सुचारू रूप से जारी रहेगी। साथ ही, विभिन्न विभागों में 1066 नए पद सृजित करने को भी मंजूरी मिली।
कई विभागों में बंपर भर्तियां
मंत्रिमंडल ने शिक्षा, स्वास्थ्य और PWD समेत कई विभागों में बंपर भर्तियों का रास्ता साफ किया है. CBSE स्कूलों के लिए 600 शिक्षकों (संस्कृत, संगीत, शारीरिक शिक्षा और ड्राइंग) के पद भरे जाएंगे। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग में 190 कनिष्ठ अभियंता (सिविल), 151 JOA (IT), स्वास्थ्य विभाग में 150 स्टाफ नर्स, 40 फार्मेसी ऑफिसर और 30 रेडियोग्राफर समेत कई अन्य पदों को भरने की मंजूरी दी गई है।

Sukhu Cabinet Decisions: मातृत्व अवकाश की घोषणा
सुक्खू सरकार ने महिला होम गार्ड्स को अब 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का फैसला लिया। इसके अलावा ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ में संशोधन कर विधवाओं की बेटियों को व्यावसायिक शिक्षा के लिए मदद और हॉस्टल न मिलने पर 3,000 रुपये हर माह किराया देने का प्रावधान किया गया। दिव्यांगों के विवाह अनुदान में भी भारी बढ़ोतरी की गई। अब 70% से ज्यादा दिव्यांगता पर 50,000 की जगह 2 लाख रुपये मिलेंगे।
टोल टैक्स बैरियर नीति को मंजूरी
राजस्व बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने आबकारी नीति 2026-27 और टोल टैक्स बैरियर नीति को मंजूरी दी। अब शराब के ठेकों की नीलामी ई-ऑक्शन के जरिए होगी, जिससे ट्रांसपरेंसी आएगी। सुक्खू सरकार ने दावा किया कि अपने संसाधनों से 3500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया गया है। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 777 स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम बनाए जाएंगे। साथ ही 31 स्कूलों को को-एड में मर्ज किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक करने के लिए 1,617 करोड़ की परियोजना को मंजूरी मिली।
