How to Store Pickles: आचार हर बेस्वाद खाने को स्वादिष्ट बना देता है, और अगर घर का बना अचार हो तो वो सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता, बल्कि बचपन की यादें ताजा कर देता है। आम, नींबू, हरी मिर्च या आंवले का अचार हर किसी को पसंद आता है। लेकिन कई बार पूरी मेहनत के बावजूद अचार पर फफूंद लग जाती है और मेहनत बेकार हो जाती है।
फफूंद लगते ही अचार जल्दी खराब हो जाता है। इसे खाने से स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि अचार में फंगस लगने की वजह क्या है और इसे लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है।

अचार में फफूंद लगने के कारण…
अम्ल की कमी..
अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसमें नींबू का रस या सिरका डाला जाता है। यह अचार का pH लेवल कम करता है और बैक्टीरिया या फंगस को पनपने से रोकता है। यदि अम्ल की मात्रा कम हो, तो अचार जल्दी खराब हो सकता है।
गंदे हाथ या बर्तन..
अचार निकालते समय गंदे चम्मच या गीले हाथों का इस्तेमाल करना भी फफूंद का कारण बन सकता है। बैक्टीरिया सीधे अचार में पहुंच जाते हैं और इसे जल्दी खराब कर देते हैं।
तापमान का उतार-चढ़ाव…
अचार को कभी गर्म और कभी ठंडी जगह पर रखने से जार के अंदर नमी बनती है। यह नमी फफूंद के विकास में मदद करती है।

नमक की कमी…
नमक अचार का मुख्य प्रिजर्वेटिव है। यह फलों या सब्जियों से नमी निकालकर बैक्टीरिया और फंगस के पनपने से रोकता है। अचार में सही मात्रा में नमक डालना जरूरी है।
सरसों का तेल…
पारंपरिक अचार में सरसों के तेल का इस्तेमाल फंगस रोकने में मदद करता है। इसमें प्राकृतिक बैक्टीरिया-रोधी गुण होते हैं।
अचार को छांव और ठंडी जगह पर स्टोर करें…
अचार को स्थिर तापमान पर रखना चाहिए। स्टोव या धूप वाली जगह पर रखने से माइक्रोबियल गतिविधि तेज होती है और अचार जल्दी खराब होता है।
नियमित निगरानी करें…
अचार बनाने के पहले कुछ दिनों या हफ्तों में मोल्ड की जांच करें। यदि कोई फफूंद दिखाई दे, तो प्रभावित हिस्से को तुरंत हटा दें। समय-समय पर अचार को हल्की धूप दिखाना भी फंगस को रोकने में मदद करता है।
सही बर्तन का इस्तेमाल…
कांच या स्टील के जार अचार के लिए सबसे उपयुक्त होते हैं। प्लास्टिक या डर्टी बर्तन में अचार जल्दी खराब हो जाता है।

अचार कब तक रहता है सुरक्षित…
अचार की शेल्फ लाइफ इस बात पर निर्भर करती है कि उसमें नमक, तेल और अम्ल (नींबू या सिरका) की मात्रा कितनी है और इसे किस तरह के बर्तन में रखा गया है।
लंबे समय तक टिकने वाले अचार…
1. नींबू का अचार
2. आम का अचार
3. मिक्स मसालेदार अचार
ये 1–2 साल तक भी सुरक्षित रहते हैं।
जल्दी खराब होने वाले अचार…
1. गोभी या अन्य हरी सब्जियों का अचार
2. हरी मिर्च का अचार
3. गाजर का अचार
इन्हें 2–3 महीने में ही खा लेना चाहिए।

अचार खराब होने पर क्या करें…
यदि अचार पर हल्की फफूंद दिखे, तो केवल ऊपर की परत निकालना पर्याप्त नहीं होता। इससे फंगस का असर अचार में रह सकता है और खाने से फूड पॉइजनिंग या एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे अचार को तुरंत अलग करके फेंक देना ही सुरक्षित विकल्प है।
बचाव के उपाय…
1. अचार बनाते समय सही मात्रा में नमक और अम्ल डालें।
2. हमेशा साफ बर्तन और चम्मच का इस्तेमाल करें।
3. अचार को स्थिर तापमान और छांव वाली जगह पर स्टोर करें।
4. समय-समय पर अचार की जाँच करते रहें।
5. खट्टे और मसालेदार अचार में फंगस कम लगती है।
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