Mutual Fund बाजाऱ भारत मे 6 गुना बढ़ गया है साल 1995 मे एसोसिएशन ऑफ mutual funds of india की
शुरुआत हुई जिसे कुछ पब्लिक सेक्टर और प्राइवेट सेक्टर के बैंकस ने मिलकर बनाया I
इस एसोसिएशन को बनाने का मकसद उन निवेशकों को आकर्षित करना था जो गोल्ड, प्रॉपर्टी, फिक्स्ड deposits के अलावा भी कुछ निवेश के विकल्प के बारे मे सोच सकें और उस मे शेयर बाजाऱ जितना ज़ोखिम भी कम हो और खासकर छोटे निवेशक भी निवेश कर सकें I
शुरुआत मे भारतीय निवेशकों ने इसे नज़रअंदाज़ किया इसके बावजूद कई सालों तक mutual funds ने मजबूत
प्रदर्शन किया I
mutual funds मे निवेश के चलते फिक्स्ड deposits मे निवेश मे काफ़ी कमी आई है I जहाँ पुरानी पीढ़ी अपने निवेश को पूरी तरह सुरक्षित रखना चाहती थी वहीं नई पीढ़ी ज़्यादा रिटर्न्स के चलते risk लेने को तैयार हैI
भारत की नई पीढ़ी अपने जीवन स्तर मे सुधार और बेहतर जीवन शैली की चाह मे mutual funds मे निवेश की और
आकर्षित हो रही है I
पिछले 20 सालों मे निवेशकों ने पारंपरिक निवेश की तुलना मे चार से पांच गुना रिटर्न्स दिए हैं और निवेशकों की
कुल संपत्ति मे करिन 15-20 गुना इजाफा हुआ है I
भारतीय युवा अब mutual funds की और आकर्षित हो रहे हैं 76हालांकि अभी mutual funds मे निवेश करने वालों की संख्या 5 करोड़ है जिसमे से भी अधिकतर निवेश शहरी क्षेत्र से है I
इसमें अधिक से अधिक लोगों के निवेश और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच बनाने के लिये सरकार और बैंकस
दोनों प्रयत्नशील हैं और लोगों को जागरूक करने के लिये कई सारे विकल्पों पर कार्य किया जा रहा है I
Mutual fund बाजाऱ भारी संभावनाओं का बाजाऱ है और इसमें ज़्यादा से ज़्यादा निवेश हो इसकी हर संभव कोशिश
ज़रूरी है इससे हमारी अर्थव्यवस्था काफ़ी सुदृढ़ होगी हालांकि अभी रास्ता काफ़ी लम्बा है पर यही हमें विकासशील
देश बनाने मे सहयोग करेगा साथ ही छोटे निवेशकों की जीवन शैली मे सुधार लाने मे कारगार साबित होगा I
Read More: https://nationmirror.com/donald-trumps-return-may-not-be-good-for-these-indians/
