Hockey Asia Cup 2025: भारत में इस साल अगस्त में होने जा रहे हॉकी एशिया कप का हिस्सा पकिस्तान बन पाएगी या नहीं इस पर संशय बनी हुई है। दरअसल, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया। 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों से पलटवार किया। हालांकि 10 मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर समझौता हुआ। लेकिन इस बात की संशय अब भी बनी हुई है, कि भारत में पकिस्तानी खिलाड़ियों को एंट्री मिलेगी या नहीं।
आपको बता दें कि, अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट में शामिल नहीं होता है, तो उसे वर्ल्ड कप में डायरेक्ट एंट्री का बड़ा मौका गंवाना पड़ सकता है।
हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने किया स्पष्ट कि…
महासचिव भोलानाथ सिंह कहा कि- “पाकिस्तान टीम एशिया कप के लिए आएगी या नहीं, इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी है। पहलगाम में आतंकी हमला और भारत का ऑपरेशन सिंदूर कुछ दिन पहले ही हुआ। ऐसे में इस वक्त कुछ भी कह पाना मुश्किल है।

टूर्नामेंट शुरू होने में अब भी करीब 3 महीने का समय बचा है। हम शांति कायम होने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार के जो भी निर्देश होंगे, हम उनका पालन करेंगे।”
पाकिस्तान की अनुपस्थिति में टूर्नामेंट की वैधता पर सवाल..
अगर भारत सरकार पाकिस्तानी टीम को एंट्री की इजाजत नहीं देती है, तो टूर्नामेंट में सिर्फ 7 टीमें ही भाग लेंगी। इस पर हॉकी इंडिया के एक अधिकारी ने कहा-
“अगर सरकार ने मना किया, तो हम पाकिस्तान के बिना टूर्नामेंट कराएंगे। अंतिम निर्णय एशियन हॉकी फेडरेशन का होगा कि वे पाकिस्तान की जगह किसी और टीम को शामिल करें या सिर्फ 7 टीमों से टूर्नामेंट कराएं।”
बिहार के राजगीर में 27 अगस्त से शुरू होगा टूर्नामेंट..
हॉकी एशिया कप का आयोजन 27 अगस्त से 7 सितंबर तक बिहार के राजगीर में होना है। यह टूर्नामेंट 2026 में नीदरलैंड में होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाइंग इवेंट है। एशिया की शीर्ष 8 टीमें टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी, जिनमें भारत, पाकिस्तान, जापान, कोरिया, चीन, मलेशिया, ओमान और चीनी ताइपे शामिल हैं।
इन टीमों को दो ग्रुपों में बांटा जाएगा। प्रत्येक ग्रुप की टॉप दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी और विजेता टीमें 7 सितंबर को फाइनल में आमने-सामने होंगी।
वर्ल्ड कप में सीधी एंट्री का सुनहरा मौका दांव पर..
एशिया कप की विजेता टीम को 2026 में एम्स्टर्डम (नीदरलैंड) में होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप के लिए सीधी एंट्री मिलती है। पांच बार की चैंपियन साउथ कोरिया मौजूदा डिफेंडिंग चैंपियन है, जबकि भारत और पाकिस्तान अब तक 3-3 बार यह खिताब जीत चुके हैं। दोनों ही टीमें इस बार अपने चौथे खिताब की तलाश में हैं।

जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप पर भी असर संभव…
अब आशंका जताई जा रही है कि 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नई और मदुरै में होने वाले जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में भी पाकिस्तान की टीम का आना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय हॉकी आयोजनों पर राजनीतिक तनाव का असर साफ दिखाई दे रहा है।
पहलगाम हमला और तनाव..
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगो की जान चली गई। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन ने ली थी। इसके बाद भारत ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी नागरिकों की एंट्री पर रोक लगा दी। पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी भारत में बैन कर दिया गया।
2016 में भी पाकिस्तान को नहीं मिली थी एंट्री..
इससे पहले भी भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव के चलते ऐसा हो चुका है। 2016 में पठानकोट आतंकी हमले के बाद भारत में जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप आयोजित किया गया था, जिसमें पाकिस्तान की टीम को एंट्री नहीं दी गई थी। उस समय उनकी जगह मलेशिया को मौका मिला था।

भारत-पाक हॉकी : एक ऐतिहासिक सफर..
भारत और पाकिस्तान के बीच हॉकी में अब तक 181 मुकाबले हो चुके हैं। इनमें से पाकिस्तान ने 82 और भारत ने 67 मैच जीते हैं, जबकि 32 मुकाबले ड्रॉ रहे। इन आंकड़ों से साफ है कि भारत-पाक मैच न सिर्फ खेल प्रेमियों के लिए रोमांचक होते हैं, बल्कि टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा को भी बढ़ाते हैं।
