सड़क पर ‘हिट एंड रन’ के विलेन का कोहराम
hit and run case india अमीरों के शौक में 1 ज़िंदगी तबाह, तो कई घायल – ये हादसा हुआ था 13 मार्च को वडोदरा में जहां एक अमीर बाप की बिगड़ी संतान ने नशे में अपनी तेज रफ्तार गाड़ी से 8 लोगों को रौंद दिया जिसमे एक महिला की मौके पर मौत हो गई तो कई घायल हुए ओर नशा इतना दिमाग पर चढ़ा था की गाड़ी से उतरते ही नाटक शुरू कर दिया वो भी डाइअलॉग ऐसे की नाबावी सर पर भी थी
पैसे का नशा या नशे का खुमार, कौन जिम्मेदार
Another Round बोलके चिल्लाना तो कभी किसी लड़की का नाम लेकर पुकारना और जब न कुछ समझ आया तो ॐ नमः शिवाय बोलना शुरू कर देना हालांकि पुलिस ने आरोपी को पकड़ तो लिया लेकिन सजा क्या मिलेगी वो देखना अभी बाकी हैं चुकीं अमीरों की गाड़ी के नीचे गरीबी दब जाती हैं इस तरह के हादसे हम पहले भी देखे हैं जैसे पुणे हादसा, बॉलीवुड के बड़े स्टार और भी कही नामचीन हस्तियाँ लेकिन अफसोस आखिरकार गरीबी हार जाती हैं पैसे को आगे हमारा सिस्टम भी कभी कबर सर झुका ही लेता हैं और ऐसे हादसों को अंजाम देने वाले लोग खुली हवा में सांस लेना शुरू कर देते हैं
सोशल मीडिया पर शोर
रईसजादे की रईसी और नशे की खुमारी का शोर सोशल मीडिया पर भी जमकर शोर मचा रहा है. इस वीडियो को तो अभी तक आप सब ने देख ही लिया होगा। शख्स ने अपनी कार से इतने सारे लोगों को कुचल दिया और उसके चेहरे पर अफसोस की एक शिकन भी नहीं दिखाई दी। इस वीडियो देखकर हो सकता है आपका भी पारा चढ़ जाए.
पुणे का पोर्शे कांड
अब इससे जुड़ा एक और किस्सा हम आपको बताते है जिसने देशभर में खलबली मचा दी थी.ये घटना है पुणे की जो पोर्शे कांड के नाम से सुर्खियों में आया था. मामले में नाबालिग रईसजादे ने शराब के नशे में दो इंजीनियरों की जिंदगी ले ली। लड़के ने अपनी लग्जरी पोर्श कार से इंजीनियरों को रौंद डाला। जब जुवेनाइल बोर्ड ने नाबालिग को सिर्फ निबंध लिखने का आदेश देकर छोड़ दिया तो मामले ने तूल पकड़ा। इसके बाद इस रईसजादे के पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
निबंध लिखने की मिली थी सजा
घटना के आरोपी को कोर्ट ने जो सजा दी वो हैरान कर देने वाली थी.क्योंकि कोर्ट ने आरोपी को एक्सीडेंट पर 300 शब्दों का निबंध लिखने की सजा दी गई. पुणे पोर्श एक्सीडेंट के 42 दिन बाद नाबालिग आरोपी ने रोड एक्सीडेंट पर 300 शब्दों का निबंध लिखकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को दिया है। 18-19 मई की रात हादसे के बाद जुवेनाइल बाद जुवेनाइल बोर्ड ने आरोपी को 300 शब्दों का निबंध लिखने सहित कुल 7 शर्तों पर जमानत दी थी।
नाबालिग आरोपी को मिली जमानत
हालांकि, पुलिस की मांग और लोगों के आक्रोश के बाद जुवेनाइल बोर्ड ने अपने फैसले में संशोधन किया था। 22 मई को बोर्ड ने आरोपी को बाल सुधार गृह में भेजने का आदेश दिया था। हालांकि, 25 जून को बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाबालिग आरोपी को जमानत दे दी।
कड़े कानून की जरूरत क्यूं?
दोनों ही मामलों में एक बात कॉमन थी क्योंकि दोनों रईसजादों पर दौलत का ख़ुमार और नशे का बुखार था.लेकिन कानून के लचीलेपन की वजह से सड़क पर मौत बांटते ये लोग आसानी से बरी हो जाते है.हालांकि सरकार के नए कानून में कड़े प्रावधान किए थे लेकिन विरोध के चलते उन्हें लागू नहीं किया जा सका.
क्या था हिट एंड रन मामले पर नए कानून
नए हिट एंड रन केस में 10 साल की जेल और सात लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान किया है.पहले इस मामले में कुछ ही दिनों में आरोपी ड्राइवर को जमानत मिल जाती थी. हालांकि, इस कानून के तहत भी दो साल की सजा का प्रावधान था. नया कानून लागू होने के बाद सजा बढ़ा दी गई है.
हालांकि, घायल को अस्पताल पहुंचाने पर कुछ रियायत का प्रावधान है. ट्रक और डंपर चालक इस कानून का ही विरोध कर रहे हैं. अब तक हादसा होने पर ड्राइवरों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279 यानी लापरवाही से वाहन चलाने, 304ए यानी लापरवाही से मौत और 338 यानी जान जोखिम में डालने के तहत केस दर्ज किया जाता रहा है,
लेकिन नए कानून में मौके से फरार होने वाले ड्राइवर के खिलाफ 104(2) के तहत केस दर्ज होगा. पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचित ना करने पर उसे 10 साल की कैद के साथ जुर्माना भी देना होगा.
जाने किन मुल्कों में क्या सजा
दुनिया के बाकी देशों में हिट एंड रन पर काफी कड़े नियम हैं.
दक्षिण कोरिया
दक्षिण कोरिया में हादसे के बाद अगर ड्राइवर मदद किए बगैर भाग जाए और घायल की मौत हो जाए तो उसे 5 साल से लेकर आजीवन कारावास भी हो सकता है.
वहीं अगर ड्राइवर पीड़ित को दुर्घटना स्थल से हटा दे और फिर उसकी मौत हो जाए तो हत्या का दोषी मानकर आजीवन कैद या मौत की सजा भी दी जा सकती है.
बांग्लादेश
बांग्लादेश में हादसे के बाद जब तक अस्पताल और पुलिस काम शुरू नहीं कर दें, तब तक ड्राइवर को वहीं बने रहना है. अगर वो ऐसा न करे, और जख्मी की मौत हो जाए तो इसपर मौत की सजा का भी प्रावधान है. जीवनभर के लिए ड्राइविंग भी रुक सकती है
चीन
चीन में आर्टिकल हिट एंड रन वाले ड्राइवरों पर भारी सख्ती है.
अगर कोई ऐसा करे तो न केवल सजा होती है, बल्कि जिंदगी भर के लिए उसका लाइसेंस भी जब्त हो जाता है.
कई और देश भी हैं, जहां हिट एंड रन मामले गैर-जमानती भी होते हैं, साथ ही कैद के बाद लाइसेंस जब्त कर लिया जाता है.
ऑस्ट्रेलिया राज्यों में अलग कानून
ऑस्ट्रेलिया में एक बॉडी काम करती है, जो ड्राइवरों की लापरवाही पर ही नजर रखती है. हर सड़क हादसे के बाद दुर्घटना के नेचर के हिसाब से ड्राइवर की मार्किंग होती है.इसके बाद पेनल्टी लगती है, या फिर लाइसेंस ले लिया जाता है. वैसे ज्यादातर ऑस्ट्रेलियाई प्रांतों में इसके लिए अलग-अलग कानून है.
United Kingdom
यूनाइटेड किंगडम में हिट एंड रन को गंभीर अपराध माना जाता है. ऐसा करने पर 14 साल की कैद और भारी-भरकम जुर्माना हो सकता है. इसके अलावा हिट एंड रन के मामले केस में भी दो साल के लिए ड्राइवर का लाइसेंस कैंसिल हो सकता है.
Canada
कनाडा क्रिमिनल कोड के तहत ऐसे मामलों में 10 साल की सजा हो सकती है, अगर हादसे में घायल की मौत हो जाए. आजीवन कारावास की सजा यहां आम है.
USA
अमेरिका में अलग-अलग स्टेट्स इसके लिए अलग सजा देते हैं. वैसे लंबी जेल के साथ 16 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है. इसके बाद भी अमेरिका में रोड सेफ्टी उतनी बढ़िया नहीं.
UAE
यूएई में अगर हादसे के बाद ड्राइवर गायब हो जाए तो उसे सीधे 45 लाख रुपए का जुर्माना भरना होता है. यहां पर नियम है कि हादसे के 6 घंटे के भीतर उसकी रिपोर्ट की जाए, वरना गंभीर नतीजे हो सकते हैं.
हिट एंड रन के बढ़ते मामले
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट कहती है, साल 2021 में हिट एंड रन की 57,415 घटनाएं हुईं, जिसमें 25,938 मौतें हुईं और 45,355 घायल हुए. साल 2022 में यह आंकड़ा और बढ़ गया.
इस साल हिट एंड रन के 67,387 मामले आए. 30,486 लोगों की मौत हुई और 54,726 घायल हुए. सड़क दुर्घटनाओं के अलग-अलग मामलों में भी एक्सीडेंट और घायलों-मौतों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.
