Benefits of Hing: भारतीय रसोई में यह मसाले के रुप में होती है, हींग एक ऐसा मसाला है, जो न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि यह औषधीय गुणों से भरपूर होती है। आयुर्वेद में हींग को एक प्रभावशाली औषधि माना गया है, जो कई स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने में मदद करती है। खासकर पेट संबंधी रोगों के इलाज में इसका उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है।
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पेट के रोगों का रामबाण..
पाचन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए हींग बेहद लाभकारी है। आयुर्वेद के अनुसार, हींग एक उत्तम वायुनाशक है, जो पेट में गैस, अपच, पेट दर्द और भूख की कमी जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करती है। यदि चुटकीभर हींग को गुनगुने पानी के साथ लेते है तो काफी राहत मिलती है। हींग में प्राकृतिक एंटी-स्पास्मोडिक और एंटी-फ्लैटुलेंट गुण पाए जाते हैं। और गैस को बाहर निकालने में मदद करते हैं।

इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएं…
हींग में एंटीऑक्सीडेंट्स की प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स को निष्क्रिय कर इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं। यह शरीर को संक्रमण और बैक्टीरिया से बचाने में मदद करती है। सर्दी, खांसी और जुकाम में हींग का सेवन फायदेमंद होता है। साथ ही, हींग शरीर में मौजूद हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में भी सहायक होती है।
महिलाओं की सेहत में भी उपयोगी…
हींग महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है। पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन में हींग राहत देती है। यह हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने में भी मदद करती है। कई बार इंरेगुलर पीरियड्स की समस्या में भी हींग का सेवन फायदेमंद है। गर्म पानी में हींग और एक चुटकी नमक मिलाकर पीने से पीरियड्स से जुड़ी परेशानियों में आराम मिलता है।

हाई ब्लड प्रेशर में फायदेमंद…
हींग का सेवन रक्त संचार को नियंत्रित करता है, जिससे ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है। इसमें मौजूद कुमरीन नामक यौगिक खून को पतला करने में सहायक होता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है। लेकिन इस स्थिति में हींग का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।
हृदय के लिए फायदेमंद…
हींग में मौजूद एंटी-कोएगुलेंट गुण रक्त के थक्के बनने से रोकते हैं और हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। यह धमनियों में ब्लॉकेज नहीं बनने देती और हृदय की कार्यक्षमता को सुधारती है। अगर किसी को बार-बार सीने में जलन या भारीपन की शिकायत रहती है, तो भोजन में थोड़ी हींग मिलाने से लाभ हो सकता है।

बच्चो के लिए फायदेमंद..
जब छोटे बच्चो को सर्दी या खासी हो जाती है, तो हींग को मां के दूध के साथ मिलाकर उसके नाक, छाती और नाभि में लगाया जाता है, जिससे बच्चो को काफी आराम मिलाता।
त्वचा रोगों में फायदेमंद..
हींग का उपयोग त्वचा के कई रोगों में भी किया जाता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो मुहांसों, झुर्रियों और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। हींग को बेसन और गुलाबजल के साथ मिलाकर फेसपैक के रूप में लगाने से त्वचा निखरती है और चेहरे पर ग्लो आता है।

हींग का आयुर्वेदिक महत्व..
आयुर्वेद में हींग को ‘हिंगु’ के नाम से जाना जाता है। इसे त्रिदोषनाशक माना गया है, यानी यह वात, पित्त और कफ तीनों में फायदेमंद होता है। खासकर वात विकारों में इसका उपयोग प्रमुखता से किया जाता है। हींग का काढ़ा बनाकर पीने से बुखार, खांसी और जुकाम में आराम मिलता है। आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, हींग को रोजाना थोड़ी मात्रा में भोजन में इस्तेमाल करने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है।
इसका उपयोग…
1. हींग का सेवन अधिकतर सूखे पाउडर के रूप में किया जाता है, जो दाल, सब्जी और तड़के में प्रयोग होता है।
2. इसका लेप बनाकर त्वचा पर लगाने से त्वाचा में निखार आता है।
3. इसे गर्म पानी में घोलकर भी पिया जा सकता है। हालांकि हींग की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
सावधानियां…
1. अधिक मात्रा में हींग का सेवन पेट में जलन, उल्टी या एलर्जी का कारण बन सकता है।
2. गर्भवती महिलाओं को भी इसे डॉक्टर की सलाह पर ही सेवन करना चाहिए।
3. छोटे बच्चों को भी हींग का सीधा सेवन न करवाकर उसे बाहरी उपयोग तक सीमित रखना बेहतर होता है।
