Hindu organizations surrounded the commissioner office: राजधानी भोपाल में गोकशी के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. बीते 8 महीने में ऐसी 14 घटनाएं सामने आ चुकी हैं.

जिसमें या तो गोवंशो को मार दिया गया या फिर हिंदूवादी संगठनों के समय पर पहुंचने की वजह से उन्हें बचा लिया गया.
हिंदू संगठनों ने मांस से भरा एक ट्रक पकड़ा
बता दें की 17 दिसंबर की रात भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय के सामने हिंदू संगठनों ने मांस से भरा एक ट्रक पकड़ा था.
कार्यकर्ताओं का आरोप था कि इस ट्रक में जो मांस का परिवहन हो रहा था, वह गोमांस है.
Hindu organizations surrounded the commissioner office: पुलिस और अन्य अधिकारी पहुंच गए
इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और अन्य अधिकारी पहुंच गए थे.
क्यूआर कोड और स्पेशल बाक्स में पैक था मांस
बता दें की पुलिस ने 17 दिसंबर की रात उत्तरप्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर वाले जिस ट्रक को पकड़ा था, जब इसकी तलाशी ली गई तो इसमें पैकेटों में भरा गोमांस मिला था.
स्पष्ट हो गया है कि यह गोमांस ही था
इनमें बकायदा क्यूआर कोड और स्पेशल टैग भी लगे हुए थे. ट्रक का वजन कराने के बाद इसमें करीब 26 टन गोमांस होने की जानकारी सामने आई थी. अब लैब में जांच के बाद यह भी स्पष्ट हो गया है कि यह गोमांस ही था.
Hindu organizations surrounded the commissioner office: हिंदू संगठन का कहना है की “भोपाल नगर निगम के स्लाटर हाउस से गोमांस की सप्लाई की जा रही थी. भोपाल से गोमांस दूसरे प्रदेशों और फिर विदेशों में भेजने की जानकारी भी मिली है.”
हिंदू संगठनों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय का किया घेराव
जांच रिपोर्ट में 26 टन गोमांस की पुष्टि होने के बाद हिंदू संगठनों में जबरदस्त आक्रोश है.
और इसको लेकर विरोध में बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद ने पुलिस कमिशनर कार्यलय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की.
हिंदू संगठनों ने सामूहिक रूप से प्रदर्शन किया
विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता जीतेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि गोमाता के सम्मान में सभी हिंदू संगठनों ने सामूहिक रूप से प्रदर्शन किया है.
संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई मांग की है.
बजरंग दल नेताओं ने कहा कि… पिछले दिनों जहांगीराबाद इलाके में जो 26 टन मांस पकड़ा गया था, वह गोमांस ही था.
स्लाटर हाउस में गोवंश की हत्याएं होती थीं
यह भी स्पष्ट हुआ है कि नगर निगम के इसी स्लाटर हाउस में गोवंश की हत्याएं होती थीं.
नेताओं का आरोप है कि नगर निगम, प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत के बना यह संभव नहीं है.
