Himachal Pradesh Cabinet: हिमाचल प्रदेश सरकार ने सोमवार को पंचायत चुनाव से पहले बड़ा और सख्त फैसला लिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि नशे के ‘चिट्टा’ के साथ पकड़े गए लोग अब पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। जानकारी के अनुसार, इसके लिए पंचायती राज एक्ट में संशोधन का ड्राफ्ट मंजूर कर लिया गया है। हिमाचल सरकार जल्द ही इस संशोधन विधेयक 2026 को विधानसभा में पेश करेगी। सूत्रों के मुताबिक, विधेयक पारित होने और राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह कानून लागू हो जाएगा।

2068 शिक्षकों की भर्ती को दी गयी मंजूरी
कैबिनेट बैठक में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी अहम निर्णय लिया गया। प्रदेश के 151 CBSE स्कूलों में 2068 शिक्षकों की भर्ती को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। साथ ही साथ, स्नातक स्तर पर सेमेस्टर सिस्टम लागू करने और CBSE पैटर्न को अपनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मेडिकल सुविधाओं का किया जायेगा विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए हिमाचल कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। हमीरपुर, नेरचौक और आईजीएमसी शिमला के मेडिकल कॉलेजों में बायो-फिजिक्स विभाग को शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा नाहन मेडिकल कॉलेज को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है, जिससे प्रदेश में बेहतर सुविधाएं विकसित की जा सकें।

गैस आपूर्ति और खाड़ी देशों की स्थिति पर मंत्रियों के बीच हुई चर्चा
कैबिनेट बैठक में खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के प्रभावों पर भी चर्चा की गयी। इसके मद्देनजर प्रदेश के प्रमुख शहरों में पाइपलाइन के जरिए घरेलू गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रियों द्वारा पेट्रोलियम कंपनियों को भूमि अधिग्रहण सहित अन्य सुविधाएं देने पर भी विचार किया गया, ताकि परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जा सके।
एंट्री टैक्स पर फैसला लंबित
राज्य में एंट्री टैक्स लगाने को लेकर भी कैबिनेट में अनौपचारिक चर्चा हुई, हालांकि इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। सूत्रों की मानें तो, सरकार इस टैक्स को ‘ग्रीन टैक्स’ के रूप में लागू करने और इससे होने वाले राजस्व पर विचार कर रही है।
मेडिकल शिक्षा और विशेषज्ञों की तैनाती
अंत में हिमाचल कैबिनेट ने मेडिकल शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए इस वर्ष 270 पीजी सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग की मंजूरी के बाद इन सीटों को लागू किया जाएगा। प्रदेश के चंबा, नाहन और मंडी के मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
