Himachal politics: हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बीच एंट्री टैक्स को लेकर जारी विवाद अब सुलझने की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। सोमवार को इस मुद्दे पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बातचीत कर समाधान निकालने की पहल की है। दोनों राज्यों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार अब बीच का रास्ता तलाशने और संधि करने में जुट गई है।
हिमाचल की कैबिनेट बैठक में हुई चर्चा, रिपोर्ट की तलब

विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि इस मुद्दे पर सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूरे मामले की समीक्षा के लिए राज्य के एक्साइज विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने आगे बताया कि पंजाब में जिन लोगों को इस टैक्स से परेशानी हो रही है, उनके लिए समाधान निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है।
Himachal politics: टैक्स बढ़ोतरी पर भड़का सबसे ज्यादा विरोध
दरअसल, हिमाचल सरकार ने बाहरी राज्यों के वाहनों के प्रवेश शुल्क में वृद्धि का फैसला लिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होना है। छोटे वाहनों के लिए एंट्री टैक्स 70 रुपये से बढ़ाकर 130 रुपये किए जाने के निर्णय का सबसे ज्यादा विरोध हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार ने कड़ा ऐतराज जताया था, और हाल ही में पंजाब विधानसभा में भी यह मामला उठाया गया था। पंजाब की ओर से हिमाचल के वाहनों पर भी शुल्क लगाने की बात कही गई, जिसके बाद विवाद और गहरा होता चला गया |
राजस्व बढ़ाने का अधिकार, पर विवाद नहीं चाहते: लोक निर्माण मंत्री सिंह
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार को राजस्व बढ़ाने के लिए टैक्स लगाने का पूरा अधिकार है, लेकिन हिमाचल किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहता। उन्होंने आगे कहा कि दोनों राज्यों के बीच बड़ी संख्या में वाहन आते-जाते हैं, ऐसे में संतुलन बनाना जरूरी है। अंत में वे बोले कि सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है।
‘सुप्रीम कोर्ट जाएं या भगवान के पास, उनकी मर्जी’, बोले ग्रामीण विकास मंत्री
वहीं, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि यह फैसला राज्य के राजस्व को बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने बताया कि टैक्स वसूली के लिए फास्टैग प्रणाली भी लागू की गई है और एक्सल वेट के आधार पर शुल्क लिया जा रहा है। पंजाब सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने के बयान पर सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “यह उनका निर्णय है, वे सुप्रीम कोर्ट जाएं या भगवान के पास, उनकी मर्जी है।”
