Himachal politics: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण में सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार को विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा के ‘माफिया राज’ के आरोपों पर करारा जवाब देते हुए कई अहम मुद्दों को सदन में उठाया। उन्होंने न केवल विपक्ष को चुनौती दी, बल्कि प्रदेश में एलपीजी संकट और तिब्बत के साथ व्यापार को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया |
‘सबूत हैं तो सदन में रखें’, बोले CM सुक्खू

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष बिना ठोस सबूतों के सरकार पर आरोप लगा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भाजपा के पास ‘माफिया राज’ या किसी भी अनियमितता के पुख्ता सबूत हैं, तो उन्हें सार्वजनिक मंच के बजाय विधानसभा पटल पर प्रस्तुत करना चाहिए।
उन्होंने विपक्ष को ‘हवा में राजनीति’ करने से बचने की भी नसीहत दी।
सुक्खू बोले, LPG किल्लत से पर्यटन पर पड़ रहा असर
आगे मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश में व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस संकट का सीधा असर हिमाचल के पर्यटन उद्योग पर पड़ रहा है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। साथ ही साथ CM सुक्खू ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मुद्दे को जल्द ही केंद्र सरकार के समक्ष उठाएगी, ताकि इसका स्थायी समाधान निकाला जा सके।

‘व्यवस्था परिवर्तन’ की दिशा में अब्ध रही हिमाचल सरकार
अनुपूरक बजट पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में प्रदेश में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश किया गया है और नए प्रोजेक्ट्स को 30 प्रतिशत फंडिंग के साथ शुरू किया जा रहा है। उनके अनुसार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में बजट की कोई कमी नहीं आने दी गई है।
केंद्र की नीतियों से पड़ रहा आर्थिक दबाव
मुख्यमंत्री सुक्खू ने यह भी उल्लेख किया कि भारत की केंद्र सरकार द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद किए जाने से राज्य को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, जिससे वित्तीय दबाव बढ़ा है।
तिब्बत व्यापार शुरू होने से बढ़ी उम्मीदें
CM सुक्खू ने किन्नौर जिले में शिपकी-ला दर्रे के जरिए तिब्बत के साथ व्यापार दोबारा शुरू होने पर खुशी जताई।
उन्होंने सूचित किया कि राज्य सरकार के प्रयासों से यह संभव हुआ है, और इसके चलते किन्नौर में करीब 50 हजार पर्यटकों का आगमन हुआ है, जिससे स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
