Himachal politics: रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया। राज्य सरकार ने रविवार को घोषणा की है कि अब हिमाचल प्रदेश में क्लास-3 सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। यह ऐलान नाहन में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान किया गया। हिमाचल सरकार के इस फैसले से सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रही हजारों महिला अभ्यर्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस विभाग में महिला सब-इंस्पेक्टर के पदों के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने की भी घोषणा की गई है।
क्लास-3 पदों में महिलाओं को मिलेगा 25% कोटा

सरकार के फैसले के अनुसार, क्लास-3 श्रेणी के सरकारी पदों में अब 25 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। बता दें कि क्लास-3 श्रेणी में राज्य के विभिन्न विभागों के प्रशासनिक और तकनीकी पद शामिल होते हैं। अधिकारियों की मानें तो इस निर्णय का उद्देश्य सरकारी सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। वहीं दूसरी ओर, विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से राज्य में महिला रोजगार दर में सुधार हो सकता है।
किन राज्यों में महिलाओं को मिलता है सबसे ज्यादा आरक्षण?
हालांकि हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है, लेकिन देश के कुछ राज्यों में इससे भी अधिक कोटा लागू है। गौरतलब है कि बिहार और मध्य प्रदेश कुछ ऐसे राज्य हैं जहां सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए लगभग 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है, जो देश में सबसे अधिक माना जाता है।
बिहार में 35% से अधिक आरक्षण पहले से लागू
बिहार की सरकार सभी राज्य सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए करीब 35 प्रतिशत क्षैतिज (हॉरिजॉन्टल) आरक्षण प्रदान करती है। इसके अलावा पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए 3 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण भी दिया जाता है। इस तरह बिहार में महिलाओं के लिए कुल आरक्षण लगभग 36 से 37 प्रतिशत तक पहुंच जाता है, जो इसे देश में सबसे अधिक आरक्षण देने वाले राज्यों में शामिल करता है।
मध्य प्रदेश और अन्य भारतीय राज्यों की स्थिति
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024 में महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया था। यह व्यवस्था राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा की जाने वाली अधिकांश सीधी भर्तियों पर लागू होती है, हालांकि वन विभाग में यह लागू नहीं है। इसके अलावा गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भी महिलाओं के लिए 32 से 35 प्रतिशत तक आरक्षण की व्यवस्था है।
स्थानीय निकायों में भी मजबूत भागीदारी
सरकारी नौकरियों के अलावा देश के कई राज्यों में स्थानीय निकायों और पंचायतों में भी महिलाओं को व्यापक आरक्षण दिया गया है। बिहार वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करने वाला भारत का प्रथम राज्य बना था। वहीं, वर्तमान में हिमाचल प्रदेश सहित देश के 18 से अधिक राज्यों में स्थानीय निकायों और पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत या उससे अधिक आरक्षण दिया जा रहा है।
