Himachal news: हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में शुक्रवार को एक नया आयाम जुड़ गया. मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी सेवा आरम्भ हुई, और प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसका औपचारिक शुभारम्भ किया. जानकारी के अनुसार, इस सुविधा के लागू होने से अब राज्य के मरीजों को जटिल ऑपरेशनों के लिए बड़े महानगरों के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा. इस दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूर्व सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उस समय मंडी से मुख्यमंत्री होने के बावजूद जयराम ठाकुर के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज नेरचौक कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहा.

“पूर्व सरकार ने मुहैय्या नहीं कराई आवश्यक सेवाएँ”: मुख्यमंत्री सुक्खू
कटाक्ष जारी रखते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू बोले कि जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री रहते हुए भी नेरचौक मेडिकल कॉलेज में एमआरआई मशीन स्थापित नहीं करवा पाए, जबकि यहां डॉक्टरों की एक सक्षम टीम मौजूद थी. उन्होंने आगे कहा कि आवश्यक सुविधाओं के अभाव में पहले कई मरीजों को इलाज के लिए अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. सुक्खू फिर बोले कि अब प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है.
एम्स की तर्ज पर रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि अब नेरचौक मेडिकल कॉलेज में दिल्ली स्थित एम्स की तर्ज पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है. यह सुविधा अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है और इसकी सटीकता 90 प्रतिशत से अधिक मानी गयी है. गौरतलब है कि रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से जटिल ऑपरेशन अधिक सुरक्षित तरीके से और कम समय में किए जा सकेंगे, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा।
जल्द लगेगी टेस्ला-3 एमआरआई मशीन, मुख्यमंत्री ने की घोषणा
मुख्यमंत्री सुक्खू इस अवसर पर घोषणा की कि जल्द ही मेडिकल कॉलेज नेरचौक में टेस्ला-3 एमआरआई मशीन भी स्थापित की जाएगी. साथ ही साथ यहां टेस्ला लैब की स्थापना की जाएगी, जिससे मरीजों को अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों को एम्स स्तर की सुविधाओं से लैस करना है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े.
मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
आगे मुख्यमंत्री ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी की कुल लागत लगभग 5 लाख रुपये आती है, जिसमें से प्रदेश सरकार करीब 4.50 लाख रुपये का वहन करेगी, जबकि मरीज को केवल लगभग 50 हजार रुपये ही खर्च करने होंगे. उन्होंने कहा कि सरकार ने हिम केयर योजना के तहत भी कई नई सुविधाएं जोड़ी हैं. साथ ही योजना में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच करवाई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अंत में सुक्खू बोले कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य हर नागरिक को सस्ती, सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों, किसानों और मजदूरों को भी बेहतर इलाज प्रदान किया जा सके.
