Himachal news: हिमाचल प्रदेश में आगामी बजट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सोमवार सुबह से मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारियों में जुटे हुए हैं। 21 मार्च को विधानसभा में पेश होने वाले इस बजट को राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं 18 मार्च से फिर शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के आसार भी नजर आ रहे हैं।

बजट को लेकर अधिकारियों के साथ किया मंथन
सोमवार को मुख्यमंत्री सुक्खू ने सचिवालय में वित्त और योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर बजट के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उनके द्वारा राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। हालांकि मुख्यमंत्री ने बजट के मसौदे को लेकर ज्यादा खुलासे नहीं किये, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि उनके हाथों से पेश किया जाने वाला चौथा बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बजट तैयार करते समय समाज के हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखा गया है।
18 मार्च से फिर शुरू होगा विधानसभा सत्र
बताते चलें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र ब्रेक के बाद 18 मार्च से फिर शुरू होगा। ऐसे में सदन के हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष जहां विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है, वहीं सरकार भी विपक्ष के सवालों का तथ्यात्मक जवाब देने की रणनीति बना रही है।
पक्ष और विपक्ष की रणनीति बैठकें
सत्र से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने विधायक दलों की बैठकें बुलाई हैं।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राजीव भवन में होगी। उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने बताया कि बैठक में विधानसभा में उठाए जाने वाले मुद्दों और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की जाएगी।
वहीं भाजपा विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार शाम सात बजे होगी। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार को घेरने के लिए उनके पास कई मुद्दे हैं, जिनमें चुनाव के दौरान दी गई दस गारंटियां, कानून व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन और कथित माफिया राज जैसे विषय शामिल हैं।
सत्र से पहले स्पीकर देंगे जानकारी
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया सत्र शुरू होने से एक दिन पहले मीडिया को संबोधित करेंगे। इस दौरान विधानसभा सचिवालय की तैयारियों के साथ-साथ सदन में पूछे जाने वाले तारांकित और अतारांकित प्रश्नों तथा विभिन्न नियमों के तहत होने वाली चर्चाओं की जानकारी साझा की जाएगी।
जानें बजट प्रक्रिया का पूरा कार्यक्रम
बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत 18 मार्च से होगी। पहले राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जो 20 मार्च तक चलेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री 21 मार्च को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
बजट पर सामान्य चर्चा 23 से 25 मार्च तक चलेगी, जबकि 30 मार्च को बजट पारित किया जाएगा। इसके बाद 31 मार्च को गैर-सरकारी सदस्य कार्य दिवस होगा और 2 अप्रैल को बजट सत्र का समापन किया जाएगा।
