Himachal news: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मंगलवार को बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि पार्टी ऐसे कार्यकर्ताओं को टिकट देगी जिनकी लोगों के बीच मजबूत पहचान और पकड़ हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस संगठन से निकले जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की नीति प्रदेश में जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने यह बात शिमला स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी, ने आम कार्यकर्ताओं को अवसर देकर संगठन में नई ऊर्जा भरने का काम किया है। इसी कड़ी में कांग्रेस कार्यकर्ता अनुराग शर्मा को राज्यसभा भेजा गया है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह की बढ़ोत्तरी देखने को मिली है |

अनुराग शर्मा की संपत्ति पर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने दी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अनुराग शर्मा की संपत्ति को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अनुराग शर्मा की संपत्ति उनके पिता की मेहनत और विरासत का परिणाम है, न कि राजनीति से अर्जित की गई है। आगे उन्होंने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता भी मेहनत और परिश्रम से आर्थिक रूप से संपन्न हो सकता है, इसलिए ऐसे में इस मुद्दे पर टिप्पणी करना विपक्ष के लिए उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने फिर भाजपा नेता जयराम ठाकुर के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि इस प्रकार की टिप्पणी करना उनके पद के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के समय करीब 1000 करोड़ रुपये के भवन निर्माण कार्य मित्र ठेकेदारों को दिए गए, जिस पर जवाब देना चाहिए।
संसद में ‘अनुराग बनाम अनुराग’ की उठी चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब संसद में भाजपा के अनुराग ठाकुर के सामने कांग्रेस के अनुराग शर्मा होंगे, जो हिमाचल के मुद्दों को मजबूती से उठाने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा एक आम कार्यकर्ता को राज्यसभा का टिकट देना इस बात का संकेत है कि भविष्य में भी संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
डिप्टी CM ने भी विपक्ष पर साधा निशाना
हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी इस मौके पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने एक सामान्य कार्यकर्ता को संसद भेजकर नई मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि अब अनुराग शर्मा की जिम्मेदारी है कि वे दिल्ली में हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की आवाज मजबूती से उठाएं।
अंत में उन्होंने कहा कि पिछली बार ‘ऑपरेशन लोटस’ के तहत कांग्रेस के नौ विधायकों को तोड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन पार्टी के विधायकों ने एकजुट होकर उस प्रयास को नाकाम कर दिया। अग्निहोत्री ने कहा कि राजनीतिक साजिशें बार-बार सफल नहीं हो सकतीं।
