Himachal news: हिमाचल प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए जल्द ही नई व्यवस्था लागू हो सकती है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को संकेत दिए हैं कि सरकारी दफ्तरों में बिजली मीटर को पोस्टपेड करने के विकल्प पर सरकार विचार कर रही है। विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने यह जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर प्रीपेड प्रणाली पर आधारित हैं, लेकिन भविष्य में बदलाव की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आगे बताया कि प्रीपेड मीटर मोबाइल फोन की तरह काम करते हैं, जिसकी मदद से उपभोक्ता अपने बिजली उपयोग की जानकारी रियल टाइम में देख सकते हैं और जरूरत के अनुसार रिचार्ज कर सकते हैं।

मीटर रीडरों पर असर नहीं होगा, बोले सीएम
स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद रोजगार पर असर को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि किसी भी मीटर रीडर की नौकरी पर खतरा नहीं आया है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में कुल 994 मीटर रीडर आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत हैं और उन्हें समायोजित करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। वे बोले कि सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर नीतिगत स्तर पर विचार कर रही है।
सुक्खू बोले- पेयजल और स्ट्रीट लाइट योजनाओं पर नहीं पड़ेगा असर
विधायकों द्वारा प्रीपेड मीटर के कारण जलशक्ति विभाग की योजनाओं पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई गई। इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने आश्वासन दिया कि पेयजल योजनाओं और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने आगे जानकारी देते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को अपने दैनिक बिजली उपयोग का सटीक अंदाजा मिलेगा, जिससे ऊर्जा प्रबंधन और पारदर्शिता में सुधार होगा।
हिमाचल में 12 साल पूरा करने वाले पंचायत चौकीदार बने दैनिक वेतनभोगी
ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने फिर जानकारी दी कि 31 अगस्त 2022 तक 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले पंचायत चौकीदारों को दैनिक वेतनभोगी बना दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे कर्मचारियों को नियमित करने या उनकी सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। प्रदेश में कुल 474 ऐसे चौकीदार हैं जिन्होंने 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा किया है। राज्य की 3773 पंचायतों में 2912 चौकीदार कार्यरत हैं, जिनमें से 1518 को दैनिक वेतनभोगी बनाया जा चुका है।
दिव्यांग कर्मचारियों को 15 अप्रैल से पहले दी जाएगी पदोन्नति

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि जल शक्ति विभाग में दिव्यांग श्रेणी के कर्मचारियों को 15 अप्रैल से पहले पदोन्नति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 4 प्रतिशत आरक्षण कोटे के तहत यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करेगी।
