Himachal news: हिमाचल प्रदेश में पंचायत और आगामी चुनावों को लेकर सियासी माहौल तेज हो गया है। इसी कड़ी में रविवार को प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) ईकाई ने कांग्रेस की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मंडी में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘निकम्मी और जनविरोधी’ करार दिया और कहा कि अब इस सरकार को उखाड़ फेंकने का समय आ गया है।
‘40 महीने में सिर्फ परेशान हुई जनता’
डॉ. बिंदल ने कांग्रेस सरकार के 40 महीनों के कार्यकाल पर प्रकाश डालते हुए उसको पूरी तरह विफल बताया, और कहा कि इस दौरान जनता को राहत के बजाय केवल परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार फैसले कम और तमाशे ज्यादा करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी हास्यास्पद, कभी गैरकानूनी और कभी जनविरोधी फैसले लेना प्रदेश सरकार की पहचान बन चुकी है। साथ ही, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की जनहितकारी योजनाओं को राजनीतिक द्वेष के चलते बंद करने का भी आरोप लगाया।

पंचायत चुनाव टालने का आरोप
पंचायत चुनावों को लेकर भाजपा ईकाई ने हिमाचल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। डॉ. बिंदल ने कहा कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर सुप्रीम कोर्ट तक चुनाव टालने की कोशिश की। असफल रहने के बाद अब चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने जिलाधीशों को आरक्षण में बदलाव की शक्ति देने के फैसले को संविधान के खिलाफ बताते हुए कहा कि कांग्रेस अपने हित में चुनाव परिणाम प्रभावित करना चाहती है। उन्होंने सुक्खू सरकार को “मित्रों की सरकार” करार दिया।
संगठनात्मक मजबूती का किया दावा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बिंदल ने आगे हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी पिछले छह महीनों से चुनावी मोड में है। प्रदेश में 171 मंडलों का गठन और 8000 पोलिंग बूथों पर संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जा चुका है। मंडी में आयोजित दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक के तहत 6 अप्रैल को पदाधिकारियों की बैठक और 7 अप्रैल को मुख्य बैठक आयोजित होगी, जिसमें कई राष्ट्रीय नेता भी शामिल होंगे।
रोपवे किराए में बढ़ोतरी पर खड़े हुए सवाल
डॉ. बिंदल ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रोपवे किराए में हुई बढ़ोतरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह 20 पंचायतों के लोगों के लिए एकमात्र संपर्क माध्यम है और किराया बढ़ाना जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। भाजपा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी।
‘सड़क से सदन तक संघर्ष’
अंत में डॉ. बिंदल ने कहा कि विधानसभा में उठाए गए जनविरोधी मुद्दों को अब सड़क पर भी जोर-शोर से उठाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनावों में कांग्रेस को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ेगा।
