Himachal CM in Assam: असम में विधानसभा चुनावों के पहले सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है और राजनीतिक दल मतदाताओं को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करते हुए कई बड़े वादे किए हैं। सोमवार को महिलाओं के सशक्तिकरण से लेकर बुजुर्गों की पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं तक, सीएम सुक्खू ने अपने एजेंडे को स्पष्ट कर चुनावी मुकाबले को और रोचक बना दिया है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर रखेंगे फोकस
चुनावी प्रचार के दौरान हिमाचल CM सुक्खू ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि यदि असम में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक महिलाओं को 50,000 रुपये की शुरुआती सहायता दी जाएगी। आगे उन्होनें कहा कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करना है, जिससे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
बुजुर्गों के लिए सुक्खू ने किया मासिक पेंशन का वादा
कांग्रेस ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी बड़ा ऐलान किया है। सीएम सुक्खू ने कहा कि हर बुजुर्ग को हर महीने 1,250 रुपये की पेंशन दी जाएगी। वे बोले कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक अलग विभाग गठित किया जाएगा, ताकि लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचे और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
हर परिवार को 25 लाख तक की दी जाएगी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर कांग्रेस ने बड़ा वादा किया है। सीएम सुक्खू के मुताबिक, सत्ता में आने पर हर परिवार को 25 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी जाएगी। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च कम होगा और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
सीएम सुक्खू ने लगाये भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप
चुनावी सभाओं में सुक्खू ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ा है और संसाधनों का दुरुपयोग हुआ है। आगे वे बोले कि अब असम की जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस को अवसर देने के लिए तैयार है।
‘न्याय और विकास’ का भरोसा
सीएम सुक्खू ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इसका भी उल्लेख किया कि भाजपा शासन में असम विकास की दौड़ में पीछे रह गया है, जिसे कांग्रेस सुधारने का प्रयास करेगी। असम चुनाव में कांग्रेस ने अपने वादों के जरिए स्पष्ट रणनीति पेश कर दी है। अब देखना यह होगा कि इन घोषणाओं का मतदाताओं पर कितना असर पड़ता है और चुनावी नतीजे किसके पक्ष में जाते हैं।
