Himachal budget 2026-27: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बजट सत्र के दौरान गुरुवार को बड़ा वित्तीय फैसला सामने आया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में 40,461 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया, जिसे बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस फैसले के साथ ही राज्य का कुल बजट 98,905 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है, जो, अधिकारियों के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है।
ध्वनिमत से पारित हुआ अनुपूरक बजट

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत 40,461 करोड़ 95 लाख रुपये का सप्लीमेंट्री बजट सदन में बिना किसी विस्तृत चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। राज्य सरकार ने पहले ही वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 58,514 करोड़ रुपये का मुख्य बजट पेश किया था। अब इस अनुपूरक बजट को जोड़ने के बाद कुल बजट 98,905 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
पिछले वर्ष की तुलना में बजट में हुई ढाई गुना वृद्धि
सरकार द्वारा पेश किया गया यह सप्लीमेंट्री बजट पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग ढाई गुना अधिक है। बीते वर्ष 2025-26 के लिए 17,053 करोड़ 78 लाख रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया गया था, जबकि इस बार यह आंकड़ा 40 हजार करोड़ से ऊपर पहुंच गया है।
राज्य की योजनाओं पर होंगे सबसे अधिक खर्च
अधिकारियों के अनुसार, इस सप्लीमेंट्री बजट का सबसे बड़ा हिस्सा राज्य योजनाओं के लिए निर्धारित किया गया है। कुल 40,461 करोड़ में से 36,374 करोड़ 61 लाख रुपये राज्य स्कीमों पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 4,087 करोड़ 34 लाख रुपये केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए रखे गए हैं। अनुपूरक मांगों में 26,194 करोड़ 95 लाख रुपये Ways and Means तथा ओवरड्राफ्ट के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अलावा 4,150 करोड़ 14 लाख रुपये बिजली क्षेत्र में सब्सिडी, HPSEBL के ऋण को इक्विटी में बदलने और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए निर्धारित किए गए हैं।
आपदा राहत और स्वास्थ्य पर भी दिया जायेगा जोर
हिमाचल राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदा राहत के लिए 1,818 करोड़ 20 लाख रुपये और जलापूर्ति एवं सीवेज योजनाओं के लिए 785 करोड़ 22 लाख रुपये का प्रावधान किया है। इसके अतिरिक्त हिमकेयर, सहारा योजना और विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों पर 657 करोड़ 22 लाख रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
