High Level Meeting: पहलगाम आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश का महौल है. साथ ही सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है… बता दें की इसी सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. जहा बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने की. इसमें BSF, NSG और असम राइफल्स के प्रमुखों के साथ-साथ SSB और CISF के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. यह बैठक जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी.
High Level Meeting: बैठक में शामिल हुए कई अधिकारी
बैठक में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के प्रमुख ब्रिघु श्रीनिवासन, असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा और एसएसबी की अतिरिक्त महानिदेशक अनुपमा नीलेकर चंद्रा मौजूद थीं.
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों का एक्शन
High Level Meeting: वहीं सोमवार को जम्मू और कश्मीर पुलिस ने डोडा जिले में 13 स्थानों पर छापे मारे, ताकि आतंकवादी ठिकानों का पर्दाफाश किया जा सके. और आतंक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके. इसके साथ ही, श्रीनगर पुलिस ने शहर के कई स्थानों पर ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के सहयोगियों के घरों पर व्यापक छापेमारी की. मामले में जारी पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार श्रीनगर पुलिस ने 63 व्यक्तियों के घरों की तलाशी ली.
High Level Meeting: कई कारणों से की जा रही छापेमारी
मीडिया रिपोर्ट की माने तो यह छापेमारी कानूनी प्रक्रिया के तहत और जम्मू और कश्मीर पुलिस के अधिकारियों की निगरानी में की गई, ताकि हथियार, दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण आदि जमा किए जा सकें और किसी भी संभावित आतंकवादी गतिविधि को रोकने के लिए सबूत जुटाए जा सकें.
टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी
High Level Meeting: तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्रीअमरनाथ यात्रा से पहले इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है. फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है. उस हमले में सीआरपीएफ के 47 जवान मारे गए थे।
