chinese manja death case: चाइनीज मांझे से हो रही लगातार मौतों को लेकर इंदौर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने साफ तौर पर कहा है कि प्रतिबंध के बावजूद इस तरह के हादसे होना बेहद गंभीर बात है और अब ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जाएगा। कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि अगर चाइनीज मांझे के कारण किसी व्यक्ति की जान जाती है, तो संबंधित व्यक्ति पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जा सकता है।
chinese manja death case: अभिभावक जिम्मेदार
हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई नाबालिग चाइनीज मांझा उड़ाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके अभिभावकों को भी जिम्मेदार माना जाएगा। ऐसे मामलों में माता-पिता के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.अदालत का कहना है कि बच्चों की गतिविधियों पर निगरानी रखना अभिभावकों की जिम्मेदारी है।
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chinese manja death case: मकर संक्रांति को लेकर खास चिंता
कोर्ट ने 14 जनवरी को मकर संक्रांति का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिन पतंगबाजी बड़े पैमाने पर होती है। ऐसे में प्रतिबंधित मांझे के इस्तेमाल से गंभीर और जानलेवा हादसों की आशंका बढ़ जाती है.इसी वजह से हाई कोर्ट ने इंदौर सहित अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले 14 जिलों से यह जानकारी मांगी है कि अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और आगे क्या कार्ययोजना है।
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राज्य शासन ने बताया
राज्य शासन ने अदालत को बताया कि चाइनीज मांझे को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही इसकी बिक्री रोकने के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई भी की जा रही है.हालांकि कोर्ट ने साफ संकेत दिए कि केवल जागरूकता अभियान से काम नहीं चलेगा, परिणाम भी दिखने चाहिए।
एक हादसा, जिसने मामला तेज किया
30 नवंबर को चाइनीज मांझे की चपेट में आकर 17 वर्षीय गुलशन की मौत हो गई थी. इसके बाद उसके पिता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी और मांग की थी कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त व्यवस्था बनाई जाए. इसी याचिका के आधार पर हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की.
हाई कोर्ट का संदेश साफ
हाई कोर्ट का संदेश सीधा है, पतंग उड़ाना शौक हो सकता है, लेकिन किसी की जान की कीमत पर नहीं. अब चाइनीज मांझे से जुड़ी लापरवाही को गंभीर अपराध के तौर पर देखा जाएगा.
