2018 के पुराने मामले की फिर खुलेगी फाइल
Hemant Katare rape case 2018: मध्य प्रदेश की अटेर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक और विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे की मुश्किलें फिर से बढ़ सकती हैं। साल 2018 में एक पत्रकारिता की छात्रा द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों की जांच अब दोबारा शुरू की जाएगी। यह जांच भोपाल रेंज के DIG की निगरानी में होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका पर दिए आदेश
राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश को चुनौती देने पर मामले की फिर से जांच के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने साफ किया कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। साथ ही राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया है।
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कटारे ने बताया था राजनीतिक षड्यंत्र
इस मामले में छात्रा की शिकायत पर वर्ष 2018 में एफआईआर दर्ज की गई थी। वहीं, हेमंत कटारे ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र बताया था। उन्होंने छात्रा पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए पलटवार किया था।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मांगी निष्पक्ष जांच
Hemant Katare rape case 2018: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बयान जारी करते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष और राजनीति से परे होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
