Hemant Katare Post: भिंड जिले की अटेर सीट से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। कटारे ने इस्तीफा पत्र में लिखा कि परिवार और क्षेत्र की जनता को पर्याप्त समय नहीं दे पाने के कारण वे यह जिम्मेदारी छोड़ रहे हैं। पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने एक भावुक पोस्ट किया जिसमें लिखा की कांग्रेस मेरे स्वर्गीय पिताजी की विरासत है।
अब ये भावुक पोस्ट के बाद सवाल ये उठता है की हेमंत कटारे कांग्रेस को अपने पिताजी की विरासत क्यों बता रहे। आम आदमी बाप-दादा की जमीन को लेकर तो कहते है की पिताजी की विरासत है। लेकिन ये हेमंत कटारे ने जो कहा इसका क्या मतलब निकलता है।एक बड़ा सवाल है।
Hemant Katare Post: आंगे उन्होंने लिखा की “और हां… मेरे फोन न उठाने पर कृपया भारी-भरकम क़यास ना लगायें।
शादी की सालगिरह पर परिवार के साथ समय बिताना कोई राजनीतिक साज़िश नहीं बल्कि मेरा मूलभूत और संवैधानिक अधिकार भी है।
कभी कभी नेता भी इंसान होता है. अब ज़रा ध्यान से सुन लो भाजपाइयों, ज़्यादा खुशफहमी पालने की ज़रूरत नहीं है।
सोमवार से सदन में पूरी तैयारी, पूरे दस्तावेज़ और पूरी ताकत के साथ उपस्थित रहूंगा – और हमेशा की तरह आपको धोने का कार्य करूंगा।
चाहे मुद्दा गोमांस का हो, इंदौर के भागीरथपुरा का हो, शंकराचार्य जी के अपमान का हो, या जहरीली हवा-दवा-पानी और सरकार के भ्रष्टाचार का -हर विषय पर तर्क, प्रमाण और जनता की आवाज के साथ आपके भ्रष्टाचार की परतें खोलूंगा।”

तैयारी मजबूत रखिएगा।
क्योंकि मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूं-और वही विश्वास मेरी सबसे बड़ी शक्ति है।
बता दें की उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे पत्र में लिखा कि संगठन जिसे चाहे इस पद की जिम्मेदारी दे,वे पूर्ण सहयोग करेंगे। पार्टी ने उन्हें इस योग्य समझा, इसके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगे।
Hemant Katare Post: सिंघार बोले- समझेंगे कि क्या कारण रहे
कटारे के इस्तीफे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- ये हमारे लिए आश्चर्य की बात है। परिवार की बात है, समझेंगे कि क्यों हुआ, क्या कारण रहे? उनके बीजेपी में जाने के सवाल पर सिंघार ने कहा- ऐसी कोई बात नहीं है। उनके पिताजी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं। मैं सोचता हूं कि इस पर टिप्पणी करना भी उचित नहीं है।
