बारिश बनी आफत: सैकड़ों सड़कें बंद, जानें किन इलाकों में रेड अलर्ट जारी!
भारत में मानसून इस साल अपने उग्र रूप में है। बीते 48 घंटों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों जगहों पर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
राजस्थान: 4-5 फीट पानी, गांवों का संपर्क टूटा
राजस्थान के जयपुर, चूरू, बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में भारी बारिश से जलजमाव हो गया है। कई इलाकों में 4 से 5 फीट तक पानी भर चुका है, जिससे निचले इलाकों के गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।

बूंदी में मेज नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। राजसमंद में बारिश से एक मकान ढह गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश: गंगा उफान पर, 84 घाट जलमग्न
वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 84 के 84 घाट पूरी तरह डूब चुके हैं। गंगा अभी भी हर घंटे 4 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रही है और खतरे के निशान से मात्र 2 मीटर दूर है।
प्रयागराज में लेटे हनुमान मंदिर तक पानी पहुंच चुका है। ललितपुर के माताटीला और गोविंद सागर बांधों के गेट खोल दिए गए हैं। हाथरस में आधे घंटे में 6 इंच पानी गिरा।
उत्तराखंड और हिमाचल: लैंडस्लाइड से 258 सड़कें बंद
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश से लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ रही हैं। हिमाचल प्रदेश में 200 और उत्तराखंड में 58 सड़कें बंद हो गई हैं। विकासनगर में बारिश से उफनते नाले में एक कार बह गई।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पहाड़ों में यात्रा करने वालों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
मध्य प्रदेश: 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश के ग्वालियर, भोपाल, इंदौर समेत 25 जिलों में भारी बारिश हुई। ग्वालियर में सबसे ज्यादा 2.3 इंच पानी गिरा। पिछले हफ्ते से नदी-नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने आज 18 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी दी है।
बिहार और छत्तीसगढ़ भी अलर्ट पर
बिहार के 20 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी है। पटना, भागलपुर, गया समेत 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ के 7 जिलों में बाढ़ की चेतावनी दी गई है। बलरामपुर जिले में ऑरेंज और बाकी जिलों में येलो अलर्ट घोषित हुआ है।
प्रशासन और राहत कार्य
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में गंगा का जलस्तर 177.60 मीटर तक पहुंच चुका है। प्रशासन ने 36 गांवों के प्रभावित होने की आशंका जताई है और 13 राहत शिविर और 16 चौकियां तैयार कर दी गई हैं।

वहीं, जयपुर में स्कूल बस पानी से भरे गड्ढे में फंस गई, जिसे पुलिस की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
क्या करें? आपकी सुरक्षा के लिए सुझाव
- किसी भी नदी या नाले के पास न जाएं
- मौसम विभाग की चेतावनियों को फॉलो करें
- यात्रा से पहले रोड कंडीशन और ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें
- आवश्यक चीज़ें जैसे टॉर्च, दवाइयां, पीने का पानी तैयार रखें
देश के कई राज्यों में मानसून इस बार विनाशकारी रूप ले चुका है। 18 लोगों की मौत, सैकड़ों सड़कें बंद, हजारों लोग प्रभावित — यह आंकड़े सरकार और जनता दोनों के लिए सतर्कता का संकेत हैं। आगे के 2–3 दिन अत्यधिक संवेदनशील हैं, ऐसे में प्रशासन और आमजन को मिलकर सावधानी और सहयोग बरतना होगा।
Watch Now :-इतने घंटे पहले जारी हो जाएगा रिजर्वेशन चार्ट यात्रीगणँ कृपया ध्यान दें….
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