heatwave red alert : भीषण हीटवेव: तेलंगाना में बिजली गिरने से 6 की मौत
heatwave red alert : भारत मौसम विभाग (IMD) ने 14 जून तक दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, यूपी, एमपी समेत 9 राज्यों में हीटवेव अलर्ट जारी किया है। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में रेड अलर्ट, वहीं यूपी और एमपी में येलो/ऑरेंज अलर्ट जारी है।
हरियाणा के कुछ जिलों में दरमाहा तापमान 48°C तक पहुँच सकता है।
🥵 राजस्थान में “कर्फ्यू जैसी हालत”
राजस्थान के 23 जिलों में दोपहर 12 से 4 बजे तक कर्फ्यू जैसी स्थितियाँ बनी हुई हैं। श्रीगंगानगर में तापमान 47.8°C दर्ज हुआ, और 22 जिलों में हीटवेव का हार्ट वॉर्निंग जारी।
🌪️ मध्यप्रदेश में लू हमले लगातार
उज्जैन, ग्वालियर, सागर-चंबल संभाग के 12 जिलों में लू की चेतावनी दी गई है। 15–16 जून तक भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है ।
⛈️ दक्षिण और पूर्वी भारत में बारिश का दौर
कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, गोवा, असम, मेघालय, तेलंगाना और ओडिशा में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सक्रिय हो गया है।
- कर्नाटक के हुबली में भारी बारिश से बेसमेंट तक पानी भर गया ।
- तेलंगाना (आदिलाबाद): बिजली गिरने से 6 व्यक्तियों की मौत, जिनमें 5 महिलाएँ शामिल थीं।
🌧️ मॉनसून की बहाली: राहत की उम्मीद
IMD ने कहा है कि मॉनसून 14 जून से उत्तर-पश्चिम भारत में पहुँच जाएगा और 15–16 जून तक हल्की बारिश व आंधी की संभावना है। इससे 2–4°C तापमान में राहत मिल सकती है।
🗺️ राज्यवार मौसम की स्थिति
- दिल्ली NCR: रेड/ऑरेंज अलर्ट, “रीयल-फील” 52°C, अक्टूबर 14 तक राहत की उम्मीद।
- हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश: 45–48°C तक तापमान; AC, ORS, सार्वजनिक शेल्टर की व्यवस्था
- राजस्थान: 23 जिलों में कर्फ्यू जैसी स्थिति, 47.8°C तक तापमान।
- मध्यप्रदेश: लू, मॉनसून की बारिश 15–16 जून।
- तेलंगाना: भारी बारिश और बिजली गिरने से 6 मौतें ।
- दक्षिण-पूर्व भारत: मॉनसून सक्रिय, भारी बारिश का दौर ।
💡 सावधानियाँ और सुझाव
- पूरे दिन पानी का सेवन बढ़ाएं, गर्मी के समय घर के अंदर ही रहें।
- बाहर निकलें तो हल्के, ढीले कपड़े, टोपियाँ, और छाते का उपयोग करें।
- हॉस्पिटल, ऑफिस, बाजारों में कूलिंग स्पॉट, पानी और ORS की व्यवस्था ज़रूरी है।
- बिजली गिरने और मौसम बदलने पर सावधानी बरतें, खेतों और खुली जगहों पर ना रहें।
- मॉनसून पूर्व तैयारी करें—इलाके में कूलर, पंखा और आवश्यकता अनुसार बिजली का इंतज़ाम बढ़ाएं।
देश भर में फैली गरमी, बिजली गिरने की घटनाएं और मॉनसून की देर, एक जटिल किस्म की मौसम की कहानी बयान करती हैं। 14–16 जून को संभावित बारिश के साथ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन उस वक्त तक सावधान रहना और बचाव की तैयारियाँ करना ही समझदारी है।
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