Reporter- यशपाल लोधी
मप्र का एक ऐसा जिला जहाँ मप्र सरकार ने उसी जिले से एक नही तीन बार स्वास्थ्य मंत्री बनाये लेकिन स्वास्थ्य के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति हुई है । हम बात कर रहे है रायसेन जिले की जहाँ मप्र भाजपा सरकार डॉ गौरीशंकर शैजवार ,डॉ प्रभुराम चौधरी को स्वास्थ्य मंत्री बनाया और अब नरेंद्र शिवाजी पटेल को स्वास्थ्य मंत्री बनाया हैं । एक ऐसा रायसेन में स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने से लोग तोड़ रहे हैं दम । उदयपुरा विकासखंड में जीरो ग्राउंड पर जाकर देखा तो तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बंद पड़ी हैं स्वास्थ्य सेवाएं । बही जिले में 28 उपस्वास्थ केंद्र बदहाली में खंडर हो चले हैं। सन 1990 के दशक में सभी चालू थे ।आज यही चालू होते तो मौत का आंकड़ा कम हो जाता । उदयपुरा विधानसभा स्वास्थ्य मंत्री का ग्रह निवास भी हैं ।स्वास्थ्य मंत्री को जिताने में मतदाताओं ने एडी छोटी की ताकत लगा दी थी ,बही उनका ग्रह क्षेत्र स्वास्थ्य सेवाओं से कोसो दूर हैं। जहां प्रत्येक प्राथमिक केंद्र में रखरखाव के लिए प्रतिवर्ष 1लाख 75 हजार की राशि आती है बही सवाल पैदा होता है की जब प्राथमिक एवं उपस्वास्थ्य केंद्र बंद है तो राशि कहा गई ।
रायसेन जिले के उदयपुरा तहसील में 4 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,28 उपस्वास्थ्य केंद्र एवं एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं । जीरो ग्राउण्ड में सिर्फ एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुरा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवरी ही चालू हैं।शेष तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केतोघान, छातेर,और कुचवाड़ा बंद हैं ताले लगे हुये हैं। बही प्राथमिक स्वाथ्य केंद्र जर्जर हो चुका हैं। बही 28 उपस्वास्थ्य केंद्र सिमरिया, गोरखपुर, आलीबाडा,टिमराबन,थालादिघावन,बीझा,मनकपुर सही दो दर्जन से अधिक बंद हैं कुछ केन्द्रों के अवशेष ही बचे हैं। कभी इन जगह डाक्टर,कंपाउंडर,नर्स पदस्थ थे।
-यह केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छातेर हैं जो तीन वर्षों से बंद पड़ा हैं पहले यहां महिलाओं की डिलिवरी भी होती थी आज बदहाल पड़ा हुआ है । इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 10-15 गावँ के लोग स्वास्थ्य का लाभ लेते थे।यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 14-15 किलोमीटर दूर हैं। ग्रामीणों का कहना हैं कि तीन साल से पहले से बंद हैं अब इलाज के लिए उदयपुरा या बरेली जाना पड़ता है अभी तक इलाज के अभाव में 10-15 लोगो की मौत हो चुकी हैं।
यह हैं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केतोघान जो अच्छी हालात में है यहां पहले डॉ राहुल रघुवंशी आते जाते रहते थे । लेकिन एक साल से पहले से बंद पड़ा हुआ हैं । अब डॉ राहुल रघुवंशी को उदयपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अटेच हैं जो MD की पढ़ाई कर रहे है । यहां भी 10 से 12 लोगो की इलाज के अभाव में मौत हो चुकी हैं। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 14-15 गावँ के लोग स्वास्थ्य लाभ लेते थे ।
ह हैं प्रथामिक स्वास्थ्य केंद्र कुचवाड़ा जहाँ 15 साल तक पूर्व ब्लाक मेडिकल अधिकारी डॉ एम एल बड़कुर ने सेवाएं दी थी जब तक रिटायर नही हुई यह स्वास्थ्य केंद्र चालू था लेकिन आज यह खंडहर हो चुका हैं ,यहाँ के लोग इलाज के लिए उदयपुरा ,बरेली या बम्होरी जाते हैं यह उदयपुरा से 20 किलोमीटर दूर हैं।
यह हैं उप स्वास्थ्य केंद्र नूरनगर जिसमे मात्र अवशेष बचे हैं ।बही गौरखपुर उप स्वास्थ्य केंद्र को शुरू करवाने के लिए ग्रामीणों ने स्वास्थ्य मंत्री एवं कलेक्टर के नाम तहसीलदार देवरी को ज्ञापन दिया हैं
जब स्वास्थ्य मंत्री के जिले एवं उनकी विधानसभा की उदयपुरा तहसील में स्वास्थ्य सेवाओं का आलम यह हैं तो जिले और प्रदेश के हालात क्या होंगे । काश इन स्वास्थ्य केंद्रों पर कोई न कोई पदस्थ होता तो शायद इलाज के अभाव में दर्जनों जाने बच गई होती संबंधित अधिकारि BMO, डॉ महेंद्र सिंह धाकड़ से बात की तो कैमरे के सामने बोलने से मना कर दिया,
