Health Warning: भारत की हर रसोई में एक एल्युमिनियम का बर्तन जरुर मौजूद होता है। कई लोग तो ज्यादातर सब्जी बगैरा बनाने के लिए एल्युमिनियम की कढ़ाई का ही उपयोग करते है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एल्युमिनियम के बर्तन में खाना बनाने से आपकी सेहत पर कैसा असर पड़ता है? अगर नहीं पता तो आइए हम बताते है इससे आपकी सेहत पर कैसे असर पड़ता है।
क्या है एल्युमिनियम?
यह एक हल्की धातु है, जिसका उपयोग बर्तनों, फॉइल और पैकेजिंग में किया जाता है। एल्युमिनियम के बर्तन में पकाया गया खाना शरीर में टॉक्सिक तत्व को बढ़ा सकता है, इसकी वजह से अल्जाइमर, किडनी फेलियर, हड्डियों की कमजोरी और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

एक्सपर्ट के मुताबिक
एल्युमिनियम में जो खाना बनाया जाता है, वो सेहत के लिए काफी नुकसान दायक होता है। यह धीरे- धीरे शरीर को डैमेज करता है। इससे गंभीर बीमारी हो सकती है। इसमें खाना पकाने से एल्युमिनियम, पीतल और उनके मिश्रण से खाना पकाने पर सीसा निकल सकता है, जिससे खाना पॉइजन बन सकता है।
शरीर को होता है नुकसान
शरीर में एल्युमिनियम की ज्यादा मात्रा अल्जाइमर जैसी मस्तिष्क संबंधी बीमारी और किडनी को नुकसान, हड्डियों की कमजोरी, पाचन संबंधी समस्या, एसिडिटी और पेट दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं अगर लंबे समय तक एल्युमिनियम के बर्तन में खाना बन रहा है तो उस खाने से शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ सकते हैं, इसकी वजह से कैंसर होने की संभावना हो सकती है।

एल्युमिनियम की जगह इन बर्तन में बनाएं खाना
1.स्टेनलेस स्टील- ये मजबूत धातु है, इसलिए सेहत के लिए सुरक्षित भी।
2. कॉपर (तांबे के बर्तन)- सही तरीके से इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
3. कांच और मिट्टी के बर्तन- टॉक्सिन-फ्री और नेचुरल होते हैं।
4. कास्ट आयरन (लोहे के बर्तन)- खाना पौष्टिक और आयरन से भरपूर बनाता है।
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