Health care tips 2026: तेज़ी से बदलती जीवनशैली और बिगड़ते खान-पान के कारण आजकल पेट की समस्याएं आम हो गयी हैं. पेट का इन्फेक्शन, अपच, गैस का बनना जैसी दिक्कतें हर घर में देखने मिलती हैं. साथ ही साथ जोड़ों का दर्द और त्वचा-सम्बन्धी रोग भी बढ़ोत्तरी पर हैं.
ऐसी स्थिति में अगर घर पर ही औषधीय तत्त्व वाले कुछ पौधे लगा दिए जायें, तो इन बीमारियों से प्राकृतिक रूप से बचाव संभव है.

नीम, मदार और बेहया के पौधे पेट, त्वचा, जोड़ों के लिए हैं राम-बाण
आयुर्वेद में वर्णित 3 पौधे, नीम, मदार और बेहया, पेट को ठीक रखने में काफी कारगर साबित होते हैं. आइये, विस्तार से जानते हैं इनके गुणों के बारे में
1. नीम: काम करे प्राकृतिक एंटी-बायोटिक का
नीम के पौधे के पत्ते, टहनी, छाल और फल, सब उपयोगी माने गए हैं, पर खासतौर पर इसके पत्ते पेट के सारे विकार्रो को मिटा देते हैं. नीम की पत्तियों का सेवन करने पर पेट के अन्दर मौजूद हानि पहुंचाने वाले बैक्टीरिया नष्ट होते हैं, जिससे खून शुद्ध होता है. डॉक्टर्स के अनुसार, नीम की पत्तियों को पानी में उबाल कर स्नान करने वाले पानी में उपयोग करने से त्वचा के रोगों का भी नाश होता है.
2. मदार: सूजन और दर्द से करे राहत प्रदान
मदार पौधे के पत्ते सूजन और दर्द को कम करने में लाभदायक माने गए हैं. जोड़ों में दर्द उठने पर मदार के पत्तों पर सरसों का तेल लगाकर उनको हल्का गर्म करके प्रभावित स्थान पर लगाने से काफी राहत मिलती है. हालाँकि, एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इसके पत्तों का उपयोग करते वक़्त सावधानी बरतनी चाहिए.

3. बेहया: त्वचा के विकारों को मिटाए जड़ से
बेहया, एक बारहमासी पौधा, आसानी से गमले में उग जाता है. इसके फूल और पत्ते, दोनों में औषधीय गुण कूट-कूट कर भरे होते हैं. बेहया के पत्तों का लेप जोड़ों के दर्द,सूजन और त्वचा संबंधी समस्याओं से निजात दिलाता है. हालाँकि, मानना है कि विशेषज्ञों की सलाह लिए बिना इसका सेवन नहीं करना चाहिए.
