Health ATM Operate via Command Control Center: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में सरकार एक और अहम कदम उठाने जा रही है. उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि प्रदेश में लगाए जा रहे हेल्थ एटीएम का संचालन अब एकीकृत कमांड कंट्रोल सेंटर के जरिए किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 25 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है डिप्टी सीएम ने बताया कि इस कमांड कंट्रोल सेंटर की स्थापना से हेल्थ एटीएम की निगरानी बेहतर ढंग से हो सकेगी और मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण जांच की सुविधा मिलेगी ।
अस्पतालों पर कम होगा जांच का दबाव
ब्रजेश पाठक के मुताबिक, हेल्थ एटीएम के जरिए लोगों को पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर, शुगर समेत कई जरूरी जांचें एक ही जगह उपलब्ध होंगी। इससे सरकारी अस्पतालों में जांच के लिए मरीजों की भीड़ कम होगी और डॉक्टरों पर दबाव भी घटेगा उन्होंने कहा कि हेल्थ एटीएम की निगरानी जब एकीकृत कमांड कंट्रोल सेंटर से होगी, तो मशीनों की कार्यक्षमता, रिपोर्टिंग सिस्टम और तकनीकी खामियों पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी।
हरदोई में आधुनिक डेंटल सुविधाएं
डिप्टी सीएम ने यह भी जानकारी दी कि हरदोई जिले के हरपालकेंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दांतों से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां आधुनिक डेंटल चेयर डेंटल एक्स-रे मशीन
स्थापित की जाएंगी। इसके लिए सरकार ने 5 लाख 82 हजार 400 रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में दंत रोगों के इलाज की सुविधा बेहतर होगी।
Health ATM Operate via Command Control Center: कानपुर मेडिकल कॉलेज में बर्न यूनिट को मिलेगी निर्बाध बिजली
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के तहत कानपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत बर्न यूनिट भवन के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। यहां निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 29.28 लाख रुपये की लागत से नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। सात जिलों में अपग्रेड होंगे पोस्टमार्टम हाउस ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश के सात जिलों में पोस्टमार्टम हाउस को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इनमें
- कन्नौज
- बस्ती
- अमरोहा
- सुल्तानपुर
- बलिया
- बुलंदशहर
- अयोध्या
शामिल हैं। इन जिलों में उच्चस्तरीय उपकरणों की स्थापना के लिए लगभग 2 करोड़ 75 लाख रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी गई है सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सशक्त और जनसुलभ बनेंगी।
