रहली (सागर): पूर्व अतिथि शिक्षकों की याचिका पर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को 45 दिन के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया है। इन शिक्षकों ने बीते शैक्षणिक सत्र में कार्यरत रहते हुए अपना लंबित मानदेय और पुनः नियुक्ति की मांग की थी।
यह याचिका अतिथि शिक्षक अजय ठाकुर, पंकज साहू, आशीष कुमार, उदयभान लोधी, प्रसन्न कुर्मी, हरविंद सिंह, नीरज अहिरवार, और मुकेश अहिरवार ने दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने स्कूलों में पढ़ाने का कार्य किया, लेकिन अक्टूबर से उनका मानदेय नहीं दिया गया। न्यायालय से उन्होंने ब्याज सहित मानदेय का भुगतान और पुनः अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति की अपील की थी।
याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले ही खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), जिला शिक्षा अधिकारी, कलेक्टर महोदय और जनसुनवाई (181) पर आवेदन देकर मानदेय दिलाने की मांग की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
न्यायालय ने इस मामले में राज्य शासन, जिला शिक्षा अधिकारी और बीईओ को जिम्मेदार ठहराया और बिना किसी गुण-दोष की जांच किए, 45 दिन में निर्णय लेने का आदेश दिया। न्यायालय ने याचिका का निपटारा कर दिया है।
अजय ठाकुर ने बताया कि इस आदेश के बाद उन्होंने कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और बीईओ को न्यायालय के आदेशानुसार शीघ्र निर्णय लेने के लिए आवेदन दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि 2023-24 सत्र में अक्टूबर से अब तक अतिथि शिक्षकों को उनका मानदेय नहीं मिला है, जबकि स्कूलों में उनकी उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर भी दर्ज हैं।
इस निर्णय के बाद, अतिथि शिक्षकों को उम्मीद है कि जल्द ही उनका लंबित मानदेय जारी होगा और उन्हें पुनः नियुक्ति मिल सकेगी।
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