Haryana polls: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए सोमवार को विधानसभा परिसर में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधानसभा में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग हुई, जिसमें कुल 88 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव के नतीजे शाम 5 बजे घोषित किए जाने हैं। इस चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों ने हिस्सा लिया, जबकि इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने मतदान का बहिष्कार किया।
88 विधायकों ने डाले वोट
राज्यसभा चुनाव के लिए हरियाणा विधानसभा में कुल 88 विधायकों ने मतदान किया। कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय विधायकों ने मतदान में भाग लिया, जबकि अभय चौटाला के नेतृत्व वाली INLD के दो विधायक मतदान के लिए नहीं पहुंचे और पार्टी ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया।

चुनाव से पहले संभावित क्रॉस-वोटिंग की आशंका को देखते हुए कांग्रेस ने अपने विधायकों को शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश भेज दिया था। 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं, जो उसके उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं, हालांकि क्रॉस-वोटिंग की संभावना को लेकर पार्टी सतर्क रही।
Haryana polls: इन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
इस चुनाव में कांग्रेस ने अनुसूचित जाति समुदाय के प्रमुख नेता कमरवीर बौध को उम्मीदवार बनाया है। वहीं भाजपा ने पूर्व करनाल लोकसभा सांसद संजय भाटिया को मैदान में उतारा है, जिन्हें पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का करीबी माना जाता है।
चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के मैदान में उतरने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। बताया जा रहा है कि तीन निर्दलीय विधायक, सावित्री जिंदल, देवेंद्र कडयान और राजेश जून ने नांदल को समर्थन दिया है।
जीत के लिए 31 विधायकों का समर्थन जरूरी
राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 31 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है। हरियाणा विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 90 है, जिसमें भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, INLD के 2 और 3 विधायक निर्दलीय हैं।
व्हीलचेयर पर पहुंचे मंत्री अनिल विज
इस बीच हरियाणा के मंत्री अनिल विज व्हीलचेयर पर विधानसभा पहुंचे और मतदान किया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में वोट डालना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “मैं यहां अपना वोट डालने आया हूं। मतदान करना बहुत जरूरी है। अगर मुझे स्ट्रेचर पर भी आना पड़ता, तब भी मैं अपना वोट डालने जरूर आता।”
