Haryana politics: हरियाणा में विकास कार्यों को रफ्तार देने के उद्देश्य से प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है, कि केंद्र सरकार से मिलने वाली हर राशि का सही, समयबद्ध और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बुधवार को हुई अहम बैठक में योजनाओं की प्रगति और खर्च की बारीकी से मुख्यमंत्री सैनी द्वारा समीक्षा की गई।
केंद्र योजनाओं की प्रगति की हुई विस्तृत समीक्षा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान योजनाओं के तहत प्राप्त अनुदान राशि के उपयोग, प्रगति और लंबित कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग किया जाए, ताकि आम नागरिकों तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंच सके।
उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर देने के जारी किये निर्देश
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाले अनुदानों का पूर्ण और पारदर्शी उपयोग राज्य के विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) समय पर प्रस्तुत किए जाएं, जिससे आगामी किस्तों के जारी होने में कोई बाधा न आए।
धीमी योजनाओं में तेजी लाने पर दिया गया जोर
बैठक में उन योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया जिनकी प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है। मुख्यमंत्री सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी योजनाओं में तेजी लाई जाए और लंबित कार्यों का त्वरित समाधान किया जाए।
बेहतर समन्वय और निगरानी तंत्र मजबूत करने के लिए जारी किये निर्देश
मुख्यमंत्री सैनी ने अंत में विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं, जो केंद्र सरकार के साथ नियमित समन्वय बनाए रखें, ताकि अनुदान की स्वीकृति और जारी होने में देरी न हो। आगे मुख्यमंत्री सैनी ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों से निगरानी करने से कार्यों में तेजी और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित की जा सकती हैं।
