Haryana politics: हरियाणा में सोमवार को पेश हुए बजट 2026-27 को लेकर सियासी हलचल तेज़ हो गयी है. मंगलवार को प्रदेश की आम आदमी पार्टी की ईकाई के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने नायब सिंह सैनी सरकार के बजट को “जनता के सपनों को तोड़ने वाला” करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह बजट विकास का खाका नहीं, बल्कि कर्ज और अधूरे वादों का दस्तावेज है.

राज्य सरकार पर 5 लाख करोड़ रुपये का क़र्ज़
बजट पर आक्रमण करते हुए ढांडा बोले कि सरकार हरियाणा पर 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बता रही है, जबकि वास्तविक बोझ करीब 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि सरकार की लगभग 34 प्रतिशत आय उधार से आने वाली है और बजट का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा, यानी लगभग 67,000 करोड़ रुपये, पुराने कर्ज की किस्तों में खर्च हो जाएगा, जिससे विकास कार्यों के लिए संसाधन सीमित रह जाएंगे.
ढांडा ने लाडो लक्ष्मी योजना पर लगाये वादाखिलाफी का आरोप
आप नेता ने 2024 विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादों की याद दिलाते हुए कहा कि भाजपा ने हर महिला को 2,100 रुपये मासिक देने का वादा किया था, लेकिन बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए केवल 6,500 करोड़ रुपये का प्रावधान दिया गया है. वे आगे बोले कि यदि एक करोड़ महिलाओं को 2,100 रुपये प्रति माह दिए जाएं, तो सालाना लगभग 22,000 करोड़ रुपये की जरूरत होगी. “फिलहाल करीब 9 लाख महिलाओं को ही इसका लाभ मिल रहा है, जो वादे के मुकाबले काफी कम है,” ढांडा ने दावा किया.
शिक्षा क्षेत्र में कम बजट पर ढांडा ने चिंता जताई
आगे ढांडा ने शिक्षा क्षेत्र में कम बजट आवंटन पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार 6 प्रतिशत बजट शिक्षा पर होना चाहिए, जबकि राज्य ने केवल 1.9 प्रतिशत प्रावधान किया है. सरकारी स्कूलों में 15,451 शिक्षकों और कॉलेजों में 2,400 से अधिक पद रिक्त होने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया.
इसके पश्चात उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी भाजपा पर धावा बोला. वे बोले कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के तहत 8 प्रतिशत बजट खर्च का मानक बताया गया है, लेकिन राज्य ने केवल 6.02 प्रतिशत का प्रावधान दिया है. रेवाड़ी एम्स का अधूरा निर्माण, गुरुग्राम सिविल अस्पताल, रोहतक पीजीआई, खानुपर और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की स्थिति को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किये.
अंत में ढांडा ने कहा कि यह बजट जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के बजाय भ्रम पैदा करने वाला है, किन्तु आम आदमी पार्टी जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी.
