Haryana news: शनिवार को ‘टाईकॉन चंडीगढ़ शिखर सम्मेलन 2026’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने 12 देशों और 27 राज्यों से आए उद्यमियों को हरियाणा में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने डिजिटल प्रशासन, पारदर्शी व्यवस्था और सरल प्रक्रियाओं के जरिए उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया है, जिससे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिला है।
फूड प्रोसेसिंग में अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। वर्तमान में करीब 28,000 इकाइयां संचालित हैं, लेकिन इस क्षेत्र में अभी भी निवेश की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
लॉजिस्टिक्स में हरियाणा अव्वल
लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर जोर देते हुए सैनी ने कहा कि हरियाणा देश में तीसरे और उत्तर भारत में पहले स्थान पर है। राज्य का लगभग 57 प्रतिशत हिस्सा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आने के कारण यह एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित हो रहा है।
ईवी सेक्टर में निवेश को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर को भविष्य का क्षेत्र बताते हुए निवेशकों से इसमें भागीदारी बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र के लिए प्रगतिशील नीतियां, प्रोत्साहन और मजबूत बुनियादी ढांचा उपलब्ध करा रही है।
स्टार्टअप और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
सैनी ने बताया कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहर आईटी, एग्री-टेक, फिनटेक, हेल्थ-टेक और मैन्युफैक्चरिंग में स्टार्टअप हब के रूप में तेजी से उभर रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने प्रमुख परियोजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि IMT सोहना में 500 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, नारनौल में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब और हिसार में मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। राज्य में 10 नए औद्योगिक टाउनशिप भी स्थापित किए जा रहे हैं।
