Haryana news: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट सत्र और राज्यसभा चुनाव के बाद अब पूरी तरह चुनावी मोड में आते हुए रैलियों का सिलसिला तेज कर दिया है। मार्च 2026 में एनसीआर के तीन जिलों में चार बड़ी रैलियां करने के बाद अब अप्रैल 2026 में सात और रैलियां प्रस्तावित हैं, जिनमें दो पंजाब में आयोजित होंगी। सूत्रों के अनुसार, यह साफ संकेत है कि भाजपा आगामी चुनावों को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
हरियाणा के साथ पंजाब पर भी रहेगा खास फोकस

हरियाणा में 2029 के विधानसभा चुनाव और पंजाब में इसी साल के अंत तक चुनावी हलचल को देखते हुए पार्टी हाईकमान ने सैनी को दोनों राज्यों में सक्रिय भूमिका सौंपी है। मुख्यमंत्री के आवास पर रोजाना पंजाब के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें हो रही हैं, जिनमें चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विपक्ष के गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी शुरू
हरियाणा भाजपा की रणनीति उन विधानसभा क्षेत्रों पर खास ध्यान देने की है, जहां फिलहाल विपक्ष के विधायक काबिज हैं। बताते चलें कि 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 48 विधायक हैं, जबकि तीन निर्दलीय का समर्थन भी पार्टी को प्राप्त है। कांग्रेस के 37 और इनेलो के दो विधायक हैं। ऐसे में पार्टी अब विपक्ष के मजबूत क्षेत्रों में पकड़ बनाने के लिए आक्रामक रुख अपना रही है।
कांग्रेस की अंदरूनी कलह का फायदा उठाने की कोशिश
हालिया राजनीतिक घटनाक्रम में कांग्रेस के भीतर की फूट सामने आने के बाद भाजपा ने इसे अवसर के रूप में देखा है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के 37 में से नौ विधायकों में सेंध लगाने में भाजपा सफल रही, जिसके चलते अब इन क्षेत्रों में पार्टी अपनी पकड़ और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
रैलियों का कुछ ऐसा रहेगा शेड्यूल
मुख्यमंत्री सैनी पहले ही गुरुग्राम के पटौदी, बादशाहपुर, सोनीपत के गोहाना और भिवानी के तोशाम में रैलियां कर चुके हैं। अब आठ अप्रैल को वे पंजाब के अबोहर में रैली को संबोधित करेंगे, जबकि 11 अप्रैल को दादरी में एक बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके अलावा तीन मई को पंजाब के रोपड़ में ओबीसी समाज की बड़ी रैली आयोजित की जाएगी।
विकास परियोजनाओं के साथ देंगे चुनावी संदेश
इन रैलियों के दौरान मुख्यमंत्री करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे। पार्टी का मानना है कि विकास और जनसंपर्क के इस संयोजन से आगामी चुनावों में उसे स्पष्ट लाभ मिलेगा।
