Hartalika Teej: आज भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का पर्व बुदनी में धूमधाम से मनाया जा रहा है। श्री बुधनी के श्री विश्वकर्मा मंदिर में सामूहिक रूप से महिलाएं भोलेनाथ की पूजन करके हरतालिका तीज पर्व मना रही हैं। यह व्रत माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ को समर्पित है,यह व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुख-सौभाग्य की कामना के लिए रखती हैं।
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कठिन होता है व्रत
कुछ स्थानों में कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं,निर्जला व्रत होने के कारण ये बेहद ही कठिन माना जाता है। इस दिन महिलाएं अन्न-जल ग्रहण किए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। हरतालिका तीज की पूजा के दौरान शंकर भगवान के ऊपर फूलों की माला पहनाई जाती है। फुलेरा 5 प्रकार के फूलों से बनी एक माला होती है। जो भगवान शिव की 5 पुत्रियों जया, विषहरा, शामिलबारी, देव और दोतली, का प्रतीक है।
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Hartalika Teej: क्या होते है विधिविधान
हरतालिका तीज के दिन माता पार्वती को सोलह श्रृंगार से सजाएं, ऐसा करने से माता पार्वती विवाहित महिलाओं के सुहाग की रक्षा करती है। हरतालिका तीज पर पूजा करते समय हरे रंग के कपड़े पहनना चाहिए। इसे पहनने से मानसिक शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आज रात्रि भर महिलाएं जागरण करेगी तथा अनेक मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन भी करेगी परंतु नगर पालिका की लापरवाही और उदासीनता के कारण बुधनी घाट पर स्ट्रीट लाइट बंद रही जिससे महिलाओं को बहुत परेशानी रही।
Hartalika Teej: महिलाओं को हुई परेशानी
हरितालिका तीज पूजन करने के लिए मंदिर जाने वाले रास्ते पर गिट्टी के ढेर लगे ने उसे रोड अवरोध रहा जिससे महिलाओं को बहुत परेशानी रही। आज उपवास रखने वाली महिलाएं भोलेनाथ की पांच आरती विधि विधान से करेगी और सुबह नर्मदा में फुलेरा का विसर्जन कर घर पर गणेश जी की स्थापना कर व्रत खोलेंगी।
