Harsiddhi Shaktipeeth Ujjain : शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हो गया है। नवरात्र पूरे 10 दिन तक चलेंगे, जो एक दुर्लभ संयोग है। उज्जैन के हरसिद्धि शक्तिपीठ में हर साल नवरात्र के अवसर पर लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। यह मंदिर भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है और माना जाता है कि यहां तांत्रिक साधना का विशेष महत्व है। लगभग 2000 साल पुराना यह पवित्र स्थल तांत्रिक परंपराओं और आध्यात्मिक आस्था का अद्भुत संगम है।
हरसिद्धि शक्तिपीठ का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
हरसिद्धि माता का यह प्राचीन मंदिर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के समीप स्थित है। पुराणों के अनुसार, जब माता सती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ में आहुति देकर शरीर त्याग दिया था, तब भगवान शिव शोक में सती के शरीर को कंधों पर उठाए घूम रहे थे। भगवान विष्णु ने सृष्टि की रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर को खंड-खंड किया। उन खंडों के जो भी हिस्से पृथ्वी पर गिरे, वहां शक्तिपीठों की स्थापना हुई। माना जाता है कि हरसिद्धि शक्तिपीठ में माता सती की कोहनी गिरी थी।
इतिहास और पुराणों में यह उल्लेख मिलता है कि राजा विक्रमादित्य इस मंदिर की नियमित उपासना करते थे। यहां दो विशाल दीप स्तंभ हैं, जिन्हें नवरात्र के समय हजारों दीपों से सजाया जाता है। यह दृश्य भक्तों के लिए अलौकिक अनुभव होता है।

Harsiddhi Shaktipeeth Ujjain : तंत्र साधना और तांत्रिक परंपरा
हरसिद्धि शक्तिपीठ तांत्रिक साधनाओं के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है कि यहां तांत्रिक, नवरात्र के पावन दिनों में साधना करके सिद्धियां प्राप्त करते हैं। इस मंदिर को तंत्र शक्ति का केंद्र भी कहा जाता है।
यहां की साधना मुख्य रूप से रात्रि के समय की जाती है।
नवरात्र में तांत्रिक विशेष अनुष्ठान जैसे पंचोपचार और दशोपचार पूजा करते हैं।
हवन, मंत्रजप और तांत्रिक क्रियाएं परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
हरसिद्धि की कृपा से साधक धन, ऐश्वर्य और पराक्रम की प्राप्ति कर सकते हैं।
भक्तों का विश्वास है कि नवरात्र में यहां की गई प्रार्थना पूरी होती है नवरात्र की शुरुआत से ही देशभर से साधक और भक्त यहां उमड़ते हैं।
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नवरात्र में भक्तों की आस्था और आयोजन
नवरात्र का पहला दिन इस मंदिर में विशेष महत्व रखता है। इस दिन एक लाख से अधिक भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
श्रद्धालु माता रानी को चुनरी, नारियल और दीप अर्पित करते हैं।
दुर्गा सप्तशती के पाठ और देवी आराधना के सामूहिक आयोजन होते हैं।
हरसिद्धि माता के विशाल दीप स्तंभ हजारों मिट्टी के दीयों से प्रज्वलित किए जाते हैं, जिससे मंदिर परिसर दीयों की रोशनी से जगमगाता है।
नवरात्र के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। यहां पहुंचने वाले भक्त मां हरसिद्धि के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बनाते हैं।

आस्था और तंत्र साधना का अनोखा संगम
हरसिद्धि शक्तिपीठ न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से पवित्र है बल्कि तांत्रिक परंपराओं का भी केंद्र है। यहां भक्तिपूर्वक की गई पूजा और साधना में आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है
भक्त माता से शक्ति, सुख और समृद्धि की भी प्रार्थना करते हैं।
