Haridwar Peeth Bazaar GST raid: हरिद्वार के पीठ बाजार में प्रशासन और राज्य कर (जीएसटी) विभाग की लगातार कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। हाल ही में प्रशासन ने पटाखों के भंडारण पर कड़ी कार्रवाई की थी। इसके बाद राज्य कर विभाग की टीम जब छापेमारी के लिए बाजार में पहुंची, तो व्यापारियों ने इसका विरोध किया और घेराबंदी कर दी।

व्यापारियों का विरोध
सूत्रों के अनुसार, जीएसटी विभाग की टीम बाजार में जांच के लिए पहुंची, लेकिन व्यापारियों ने तुरंत विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों का यह रवैया व्यापारियों को डराने और परेशान करने के इरादे से किया जा रहा है। विरोध इतना तेज था कि अधिकारी बिना कार्रवाई किए ही लौटने को मजबूर हो गए।
व्यापारियों ने बताया कि त्योहारी सीजन में लगातार विभागीय कार्रवाई उनके कारोबार पर नकारात्मक असर डाल रही है। कई व्यापारी तो ऐसे भी हैं, जिन्होंने कहा कि उनका व्यापार पहले ही त्योहारी मांग के चलते व्यस्त रहता है और लगातार निरीक्षण से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
“त्योहार पर दबाव बनाने की कोशिश”
Haridwar Peeth Bazaar GST raid: व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि विभागीय उत्पीड़न जारी रहा, तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि कुछ अधिकारी व्यापारियों पर दबाव बनाने के लिए अत्यधिक कठोर रवैया अपना रहे हैं।
व्यापारी यह भी कहते हैं कि नियमों का पालन वे हमेशा करते आए हैं और उनकी कोशिश होती है कि व्यापार में पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन इस समय लगातार छापेमारी और दबाव के कारण बाजार का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।

‘कार्रवाइयों का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना’
हालांकि, प्रशासन और जीएसटी विभाग का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करना है और किसी को परेशान करना नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के समय व्यापारिक गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके।
विभागीय टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि छापेमारी का उद्देश्य सिर्फ जांच करना था और किसी के खिलाफ मनमाना कार्रवाई नहीं की गई। बावजूद इसके, व्यापारियों और अधिकारियों के बीच मतभेद और तनाव अभी भी बना हुआ है।
Haridwar Peeth Bazaar GST raid: बाजार का माहौल तनावपूर्ण
पीठ बाजार में व्यापारियों का विरोध और अधिकारियों की वापसी के बाद बाजार का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। व्यापारी और स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि यदि ऐसा चलता रहा, तो त्योहारी सीजन में व्यापार प्रभावित हो सकता है और उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

