Haridwar NEWS: हरिद्वार में लगातार हो रही तेज बारिश अब पौराणिक धरोहरों के लिए भी संकट बनती जा रही है। ताजा मामला हरिद्वार के भीमगोडा मंदिर का है, जहां भारी बारिश के बाद पहाड़ी से अचानक बड़ा भूस्खलन हो गया। इस भूस्खलन का मलबा सीधे मंदिर परिसर में आ गिरा, जिससे मंदिर को काफी नुकसान पहुंचा है।

Haridwar NEWS: जुड़े पुजारियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा
मलबे की चपेट में आने से मंदिर में स्थापित पौराणिक शिवलिंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। श्रद्धालुओं और पुजारियों का कहना है कि यह शिवलिंग कई वर्षों से यहां विराजमान था और आस्था का बड़ा केंद्र था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और मंदिर से जुड़े पुजारियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है
श्रद्धालुओं का आरोप है कि प्रशासन को पहले ही इस इलाके में भूस्खलन के खतरे को लेकर आगाह किया गया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। हादसे के वक्त भी प्रशासनिक अधिकारी मौके से नदारद रहे, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।
Haridwar NEWS: मंदिर परिसर को और नुकसान न हो
लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों में दरारें पड़ रही हैं और मिट्टी खिसकने का सिलसिला तेज हो गया है। भीमगोडा मंदिर जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। स्थानीय निवासी और पुजारी अब प्रशासन से इस इलाके में सुरक्षा के उपाय करने और मलबा हटाने की मांग कर रहे हैं ताकि मंदिर परिसर को और नुकसान न हो।
समय रहते कोई ठोस तैयारी नहीं की जाती
घटना के बाद श्रद्धालु भारी संख्या में मंदिर परिसर में जुट गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में हरिद्वार जैसे पहाड़ी और धार्मिक क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं आम होती जा रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन की तरफ से समय रहते कोई ठोस तैयारी नहीं की जाती।
Haridwar NEWS: धरोहरें आपदा की भेंट चढ़ती रहेंगी
भीमगोडा मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर भी है। लोगों को चिंता है कि अगर इस तरह के हादसे रोके नहीं गए, तो पौराणिक धरोहरें आपदा की भेंट चढ़ती रहेंगी।
फिलहाल, प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, स्थानीय लोग और श्रद्धालु प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
