गैस कालाबाजारी का भंडाफोड़
पुलिस ने यह कार्रवाई रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में रात करीब 1 बजे की। सूत्रों के अनुसार, एक बंद पड़ी कंपनी के परिसर में यह अवैध गैस रिफिलिंग का धंधा चल रहा था। जैसे ही पुलिस ने दबिश दी, कई लोग सामान छोड़कर मौके से फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने तीन आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। बरामद सामान में 61 सिलेंडर, गैस पलटने वाली मशीनें, नोजल, चाबियां और अन्य उपकरण शामिल हैं।

अवैध रैकेट का संचालन
जांच में पता चला कि यह रैकेट बड़े गैस क्यूब्स का उपयोग करके कमर्शियल और डोमेस्टिक सिलेंडरों में गैस रिफिलिंग कर रहा था। यह पूरी प्रक्रिया अवैध और असुरक्षित तरीके से की जा रही थी। सूत्रों का कहना है कि इस रैकेट के तार स्थानीय और बाहरी स्तर पर फैले हो सकते हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।

Gas Black Marketing Haridwar: विस्फोट का खतरा
यह अवैध रैकेट जिस स्थान पर चल रहा था, वह इंडियन ऑयल के गैस प्लांट और घनी आबादी वाले क्षेत्र के बेहद करीब था। आसपास लाखों लोग रहते हैं और कई फैक्ट्रियों में बाहरी मजदूर काम करते हैं। अगर समय रहते इस रैकेट का खुलासा न हुआ होता, तो जयपुर जैसी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। अवैध गैस रिफिलिंग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण विस्फोट या आगजनी का खतरा बना हुआ था।

पुलिस को मास्टरमाइंड की तलाश
पुलिस की इस कार्रवाई में डीएसओ और आईओसीएल के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह छापेमारी गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है ताकि इस रैकेट के पीछे के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों को पकड़ा जा सके।
देवम मेहता की रिपोर्ट
