
कावड़ यात्रा पर अभद्र टिप्पणी
वायरल स्क्रीनशॉट के आधार पर संडीला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। सब-इंस्पेक्टर मोहित चौहान की तहरीर पर अवधेश यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। इनमें धारा 153A (धर्म, जाति आदि के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देना), धारा 295A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराएं शामिल हैं। पुलिस ने जांच शुरू की और अवधेश को मुरारनगर से हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, यह टिप्पणी सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और जातिगत द्वेष फैलाने वाली थी, जिसके चलते सख्त कार्रवाई की गई।

Kanwar Yatra Controversy: हिंदू संगठनों का विरोध
अवधेश यादव की टिप्पणी के बाद हिंदू संगठनों ने तीव्र विरोध दर्ज किया। स्थानीय स्तर पर कई संगठनों ने इस घटना को धार्मिक भावनाओं पर हमला बताते हुए प्रदर्शन किए। कांवड़ यात्रा, जो श्रावण मास में शिव भक्तों द्वारा की जाने वाली एक महत्वपूर्ण तीर्थ यात्रा है, हिंदू समुदाय के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है। ऐसे में इस पर अभद्र टिप्पणी को संगठनों ने असहनीय बताया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। कुछ संगठनों ने सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को उठाया, जिससे मामला और तूल पकड़ गया।
अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब कांवड़ यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। हरदोई जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं, और स्थानीय प्रशासन इसे सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए पहले से ही सतर्क है। अवधेश यादव की टिप्पणी ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया, बल्कि सामाजिक तनाव को भी बढ़ाने का काम किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है और सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है ताकि कोई और भड़काऊ सामग्री सामने न आए। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के दुरुपयोग और इसके सामाजिक प्रभावों पर बहस छेड़ दी है।
प्रियांशु सोनी की रिपोर्ट
