जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर लूट
हरियावां ब्लॉक सभागार में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आए लोगों से कथित तौर पर 400, 500 और 600 रुपये तक वसूले गए। ग्रामीणों का कहना है कि फॉर्म जमा करने के बाद उन्हें शाम को आने को कहा गया, लेकिन उनके कागजात जमा करने के साथ ही अतिरिक्त राशि वसूल की गई। जहरू पति सफीक, रचना पति रजनीश, सुनीता पति लालाराम, मैहर जहां पति अनिल, रूपाली पति ठाकुर, अलका पति लियाकत, हबीब पुत्र लतीफ, वीरेंद्र पुत्र जयपाल, राहुल पुत्र रघुनंदन, और सूरत पुत्र लालाराम जैसे कई लोगों ने आरोप लगाया कि अधिक पैसे न देने पर उनका काम रुका हुआ है, जबकि ज्यादा पैसे देने वालों का काम तुरंत हो रहा है। जनता की शिकायतों के बावजूद अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों में रोष बढ़ रहा है।

Birth Certificate Scam Hardoi: अधिकारियों की अनदेखी
इस मामले में खंड विकास अधिकारी निधि राठौर पहले ही जन्म प्रमाण पत्र वितरण में लापरवाही के कारण हटाई जा चुकी हैं। उनकी जगह डॉ. रत्नेश सिंह को नया बीडीओ नियुक्त किया गया है। हालांकि, नए बीडीओ के कार्यकाल में भी अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नायब तहसीलदार और अन्य कर्मचारी उनकी शिकायतों को अनसुना कर रहे हैं। ब्लॉक सभागार में नोटरी और बुनियादी सुविधाओं जैसे पीने के पानी की कमी भी पहले दिन जन्म प्रमाण पत्र प्रक्रिया के विफल होने का कारण बनी थी। यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है।

जनता की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से इस मामले की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा जोर पकड़ रहा है, जहां लोग खुलेआम प्रशासन की लापरवाही की आलोचना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जन्म प्रमाण पत्र जैसी बुनियादी सेवा के लिए अवैध वसूली भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण है। जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि वह इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। साथ ही, जन्म प्रमाण पत्र प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने की जरूरत है ताकि भोली-भाली जनता को लूट से बचाया जा सके।
प्रियांशु सोनी की रिपोर्ट
