Harda collectorate building: हरदा, मध्य प्रदेश में भारी बारिश ने कलेक्टोरेट भवन को जलमग्न कर दिया है। लगभग 20 वर्षों से खड़ा यह प्रशासनिक भवन अब बारिश के पानी के रिसाव की समस्या से जूझ रहा है। छत से लगातार पानी टपकने के कारण भवन के अंदर विभागों और कार्यालयों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे अधिकारी-कर्मचारी अपने कामकाज से बाधित होकर भवन से बाहर निकलते नजर आए।

Harda collectorate building: प्रशासनिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर चिंता का विषय
कलेक्टोरेट भवन के कई हिस्सों से पानी रिसाव की समस्या इतनी गंभीर हो गई है कि इसकी गुणवत्ता और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। लंबे समय से अस्तित्व में रहने वाले इस भवन में पानी रिसाव की समस्या कम समय में उत्पन्न होना प्रशासनिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर चिंता का विषय है।
Harda collectorate building: पानी रिसाव की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त
कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने इस समस्या पर कहा कि उन्होंने तुरंत आवश्यक कार्यवाही करते हुए वाटरप्रूफिंग की मरम्मत के लिए आवश्यक एस्टीमेट तैयार कर पीआरसी (परियोजना एवं वित्तीय समिति) को भेजा है। मरम्मत कार्य जल्द ही शुरू कराया जाएगा ताकि भवन में पानी रिसाव की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त किया जा सके।
Harda collectorate building: जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी
इस बीच, इंजीनियरों की एक टीम वर्तमान में बिल्डिंग का निरीक्षण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पानी का रिसाव किस वजह से हो रहा है। यह जांच की जा रही है कि क्या यह समस्या भवन के इंजीनियरिंग डिजाइन में खामी के कारण हुई है या अत्यधिक बारिश के कारण बिल्डिंग क्षतिग्रस्त हुई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Harda collectorate building: लंबी अवधि तक सुरक्षित और उपयोगी बने रहें
यह घटना हरदा जिले में प्रशासनिक भवनों की देखभाल और रखरखाव की आवश्यकता को उजागर करती है। ऐसे महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की संरचना और निर्माण गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी और रखरखाव आवश्यक होता है ताकि वे लंबी अवधि तक सुरक्षित और उपयोगी बने रहें।
समस्या निवारण की प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए
बता दें कि बारिश के मौसम में इस प्रकार के रिसाव और जलभराव की समस्या न केवल प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करती है, बल्कि भवन के रखरखाव में भी बढ़ती लागत का कारण बनती है। इसलिए जिला प्रशासन ने इस पर जल्द से जल्द प्रभावी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। जनता भी इस मामले में प्रशासन के तत्परता और समस्या निवारण की प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है।
इस समस्या के समाधान से न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य करने का माहौल बेहतर होगा, बल्कि जिले के नागरिकों को भी बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिलने में मदद मिलेगी।
