Harbhajan On thappad Kand: पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने आर अश्विन के साथ एक इंटरव्यू में एक चौकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने कहा वो अपने जीवन से एक चीज मिटाना चाहते हैं। ‘वो है थप्पड़ कांड…’।
दरअसल, 2008 में IPL के पहले सीजन के दौरान मुंबई टीम की ओर से हरभज सिंह खेल रहें थे, तब उन्होंने पंजाब की ओर से खेल रहे श्रीसंत से उनकी लड़ाई हो गई थी। और भज्जी ने श्रीसंत को थप्पड़ मार दिया था, इसके बाद श्रीसंत रोते हुए भी नजर आएं। इसके काफी टाइम बाद जब हरभजन की मुलाकात श्रीसंत की बेटी श्रवंसिका से हुई तो उसने उनसे बात करने से ये कहते हुए मना कर दिया कि आपने मेरे पापा को मारा था मैं आपसे बात नहीं करना चाहती। इसके बाद भज्जी को काफी बुरा लगा वो पूरी तरह टूट गए।
हालांकि BCCI ने इसके बाद भज्जी को बाकी मैचों के लिए सस्पेंड कर दिया था, मगर सालों बाद भी यह IPL की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक है।
हरभजन का टूटा दिल?
एक इंटरव्यू के दौरान जब हरभजन से पूछा गया कि क्या वह अपनी जिंदगी से कोई घटना मिटाना चाहेंगे तो इसका जबाव देते हुए भज्जी ने कहा कि –
“एक चीज जो मैं अपनी जिंदगी में बदलना चाहता हूं, वह है श्रीसंत के साथ हुई घटना. मैं उस घटना को अपने करियर से हटाना चाहता हूं। यही वह घटना है जिसे मैं अपनी लिस्ट से बदलना चाहता हूं, जो हुआ वह गलत था और मुझे वह नहीं करना चाहिए था जो मैंने किया। मैंने 200 बार माफी मांगी. मुझे सबसे बुरा यह लगा कि उस घटना के सालों बाद भी मैं हर मौके या मंच पर माफी मांगता रहा हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि-
“यह एक गलती थी, हम सभी गलतियां करते हैं और हम उम्मीद करते हैं और कोशिश करते हैं कि ऐसी गलतियां कभी ना दोहराएं, वह मेरा टीममेट था और हम साथ खेल रहे थे। हां, उस खेल में हम प्रतिद्वंद्वी थे, लेकिन यह उस स्तर तक नहीं जाना चाहिए था, जहां हम इस तरह से व्यवहार करते। तो हां यह मेरी गलती थी और उसकी एकमात्र गलती यह थी कि उसने मुझे उकसाया, लेकिन वास्तव में यह ठीक है।”
हरभजन सिंह ने आगे कहा कि-
“सालों बाद भी मुझे जो बात सबसे ज्यादा चुभती है, वो ये है कि जब मैं उनकी बेटी से मिला और उससे बड़े प्यार से बात कर रहा था, तो उसने कहा कि मैं आपसे बात नहीं करना चाहती। आपने मेरे पापा को मारा है। मेरा दिल टूट गया और मैं रोने लगा।”
उन्होंने आगे कहा कि-
“मैं खुद से पूछ रहा था कि मैंने उस पर क्या प्रभाव छोड़ा है? वो मुझे उसी इंसान के रूप में देखती है जिसने उसके पापा को मारा था। मुझे बहुत बुरा लगा था। मैं अब भी उनकी बेटी से माफी मांगता हूं कि मैं कुछ नहीं कर सकता। मैं उनसे कहता रहता हूं कि अगर मैं तुम्हें बेहतर महसूस कराने के लिए कुछ कर सकता हूं और तुम्हें ये बता सकता हूं कि मैं उस तरह का इंसान नहीं हूं, तो प्लीज मुझे बताओ। काश वो बड़ी होकर मुझे उसी नजर से ना देखे और सोचे कि उसके चाचा हमेशा उसके साथ रहेंगे और उसकी हर संभव मदद देंगे, इसलिए मैं उस चैप्टर को खत्म करना चाहता हूं।

