Hapur Buddha Purnima News: हापुड़ की तीर्थ नगरी ब्रजघाट में बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर गंगा के विभिन्न घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। देश के कोने-कोने से आए तीर्थयात्रियों ने पतित पावनी गंगा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और सुख-समृद्धि की कामना की। हर-हर गंगे के जयकारों से गंगा घाट गूंज उठे। लेकिन इस पवित्र अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था में चूक और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने हादसे की आशंका को जन्म दिया।
बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान का महत्व
बुद्ध पूर्णिमा का स्नान पर्व धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने और दान-पुण्य करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। यह भी मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने भगवान बुद्ध के रूप में अवतार लिया था। साथ ही, भगवान कृष्ण ने सुदामा को विनायक उपवास का महत्व बताया था और भगवान नृसिंह का अवतार भी इसी दिन हुआ था। इन सभी मान्यताओं के कारण बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है।
ब्रजघाट पर मेले का आयोजन
ब्रजघाट के गंगा घाटों पर इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं का मेला लगा। घाटों पर तीर्थयात्रियों की भीड़ ने गंगा में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए थे। गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, और जेटी बैरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित क्षेत्र में स्नान करने की व्यवस्था की गई थी। लेकिन इस व्यवस्था में कई खामियां सामने आईं।
बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़कर किया गंगा स्नान
सबसे चिंताजनक तस्वीर तब देखने को मिली जब जेटी बैरिकेडिंग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई तीर्थयात्री बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़कर गंगा स्नान करते नजर आए, जो न केवल नियमों का उल्लंघन था, बल्कि हादसे को न्योता देने वाली स्थिति भी थी। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी सामने आई। ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मी अपने मोबाइल फोन में रील देखते हुए पाए गए, जिससे उनकी जिम्मेदारी पर सवाल उठे।
Hapur Buddha Purnima News: हो सकता था हादसा
यह स्थिति प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है। जेटी बैरिकेडिंग का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखना था, लेकिन भीड़ के दबाव और अनुशासनहीनता के कारण यह व्यवस्था विफल होती दिखी। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से इस दिशा में कड़े कदम उठाने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था में चूक
ब्रजघाट में बुद्ध पूर्णिमा का यह पर्व जहां आस्था और भक्ति का प्रतीक बना, वहीं सुरक्षा व्यवस्था में चूक ने चिंता बढ़ा दी। प्रशासन को भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए और बेहतर प्रबंधन करने की आवश्यकता है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो और उनकी आस्था का सम्मान बना रहे।
श्याम कौशिक की रिपोर्ट
