हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है। धरती पर उन्हें अमर बताया गया है। कहा जाता है। अगर गुप्त रुप से बिना किसी की नजर में आएं बजरंगबली को सच्चे दिल से कुछ चीजे जैसे- पीला वस्त्र, माचिस, तुलसी, लौंग चढ़ाने से बजरंगबली की कृपा प्राप्त होती है। और व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, आत्मविश्वास, ऊर्जा की प्राप्ति होती है। जीवन में सकारात्मकता फैलती है।
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अगर आप बिना किसी दिखावे के भगवान की भक्ति करते हैं। उनकी सच्चे दिल पूजा करते हैं। किसी तरह का मन में लालच नहीं रखते तो भगवान उससे प्रसन्न रहते हैं।
मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी को क्या चढ़ाएं
पीले वस्त्र करें अर्पित
आप हनुमान जी की पूजा हर दिन करें, लेकिन भगवान का विशेष दिन मंगलवार और शनिवार माना गया है। अगर इस दिन आप हनुमान जी को पीले वस्त्र दान करती है तो दिमाग साफ होता है। घर परिवार में चल रहें क्लेश खत्म हो जाते हैं। घर में सुख और संपत्ति में वृद्धि होती है।
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मचिस चढ़ाने का क्या है अर्थ?
भगवान को माचिस चढ़ाने से आपके अंदर के डर और आलस्य कम हो जाता है। अगर मंदिर में गुप्त रुप से माचिस रखते हैं तो उससे नई ऊर्जा और जोश आपके अंदर पैदा होती है।
बता दें कि, माचिस आग का प्रतीक होती है, इसलिए इसे शक्ति और तेज से जोड़कर देखते हैं। इसे हनुमान जी को चढ़ाने से आपके अंदर से कमजोरी, भय और आलस्य जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं। जीवन में आ रहें संकट खत्म हो जाते हैं।
तुलसी चढ़ाने से घर मे आती है सकारात्मकता
तुलसी बहुत पवित्र होती है, ये भगवान राम जी को अति प्रिय होती है, इसलिए राम भक्त हनुमान जी को बिना किसी से बताए गुप्त रुप से हनुमान जी को तुलसी चढ़ाते है, तो मन में भक्ति भावना बढ़ जाती है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और मन में भी एक अलग शांति महसूस होती है।
हनुमान जी को मंगलवार या शनिवार के दिन करें लौंग अर्पित
लौंग को बजरंगबली के मंदिर में गुप्त रुप से चढ़ाने पर व्यक्ति के मन की सारी उलझने खत्म हो जाती है, मन के अंदर जो भी डर होता है, वो खत्म हो जाता है। साथ ही जिस काम में रुकावटे आ रही होती हैं वो दूर हो जाती हैं।
बता दें कि , लौंग को बहुत शुभ माना जाता है, इससे हमें अपने आप में एक पॉजिटिव एनर्जी महसूस होती है।
Note – The information in this article is based on traditional beliefs and scriptures. It is meant only for general awareness. We do not claim authenticity of any personal faith or ritual. Readers are advised to consult their family traditions or spiritual guide before following any religious practice.
