Hamirpur Dead Body in Betwa: हमीरपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में बेतवा नदी में एक लापता युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। यह सनसनीखेज घटना उस समय सामने आई, जब स्थानीय लोगों ने नदी में एक शव को उतरता देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है, और पुलिस शव की शिनाख्त के लिए गहन प्रयास कर रही है। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।
शव मिलने से मचा हड़कंप
घटना की जानकारी के अनुसार, बेतवा नदी में शव को देखकर स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने तुरंत इसकी सूचना सदर कोतवाली पुलिस को दी। हमीरपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर शव को नदी से बाहर निकाला और पंचायतनामा व पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की। हमीरपुर पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जानकारी दी कि शव को कब्जे में ले लिया गया है और शिनाख्त के लिए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
Hamirpur Dead Body in Betwa: मौत का कारण अज्ञात
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मृतक की मौत का कारण क्या था। शव की स्थिति को देखते हुए कई सवाल उठ रहे हैं। क्या यह हादसा था, आत्महत्या थी, या फिर कोई आपराधिक साजिश? पुलिस इन सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेतवा नदी में अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिसके चलते क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की मांग उठने लगी है।
पहले भी हो चुके हादसे
हमीरपुर जिला, जो बेतवा नदी के किनारे बसा है, पहले भी इस तरह की घटनाओं का गवाह रहा है। बेतवा नदी न केवल इस क्षेत्र की जीवनरेखा है, बल्कि कई बार यह दुखद घटनाओं का केंद्र भी बन जाती है। हाल ही में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर भी यह क्षेत्र चर्चा में रहा था, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर नदी से जुड़े खतरों को उजागर किया है।
Hamirpur Dead Body in Betwa: मृतक की नहीं हुई पहचान
पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास मृतक की पहचान या इस घटना से संबंधित कोई जानकारी है, तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें। इस बीच, क्षेत्र में यह घटना लोगों के बीच डर और चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत त्रासदी मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे नदी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की कमी से जोड़कर देख रहे हैं।
स्वनेश कुमार की रिपोर्ट
