बारात में तनाव
बांदा जिले से हमीरपुर के मौदहा इलाके में एक वैवाहिक समारोह के लिए बारात आई थी। समारोह के दौरान जनातियों (दुल्हन पक्ष) और बारातियों (दूल्हा पक्ष) के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। यह विवाद इतना बढ़ गया कि बारातियों की गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौदहा कोतवाली पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दूल्हे के जेठ सहित कई बारातियों को हिरासत में ले लिया। इस घटना ने शादी के उत्सव को तनावपूर्ण बना दिया, और मामला थाने तक पहुंच गया।
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जेठ की रिहाई की मांग
विवाद के बाद जब पुलिस ने दूल्हे के जेठ को हिरासत में लिया, तो नई नवेली दुल्हन ने अपने परिवार के प्रति वफादारी और साहस का परिचय दिया। उसने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जब तक मेरे जेठ को रिहा नहीं किया जाएगा, मैं विदाई के लिए तैयार नहीं होऊंगी।” मेहंदी लगे हाथों के साथ, दर्जनों महिलाओं का समर्थन लेकर वह मौदहा कोतवाली पहुंची। दुल्हन ने पुलिस पर मुख्य आरोपियों को छोड़कर उसके जेठ को हिरासत में लेने का आरोप भी लगाया। इस साहसिक कदम ने न केवल स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि सामाजिक मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हुई।
Hamirpur Bride Police Station: हिरासत में बाराती
पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश की और मामले की जांच शुरू की। मौदहा कोतवाली पुलिस ने दूल्हे के जेठ सहित अन्य बारातियों को हिरासत में लिया था, लेकिन दुल्हन के इस कदम के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ गया। दुल्हन के साथ आई महिलाओं ने भी पुलिस से जल्द से जल्द निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। पुलिस अब दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रही है, ताकि शादी का समारोह बिना किसी और बाधा के पूरा हो सके। इस बीच, दुल्हन का जेठ की रिहाई के लिए अड़ा रहना एक पारिवारिक एकता का प्रतीक बन गया।
स्वनेश कुमार की रिपोर्ट
