Hamidiya hospital bhopal: हमीदिया अस्पताल में लिफ्ट संकट बना हुआ है। इसका कारण यह है कि 720 करोड़ रुपए के दोनों 11-11 मंजिला भवनों की सभी 24 लिफ्टों के ऑपरेटरों ने सामूहिक रूप से नौकरी छोड़ दी है। लिफ्ट ऑपरेटरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें 6 माह से अधिक समय से सैलरी नहीं मिली है। और इस कारण काफी समस्या हो रही है।

इस समस्या के कारण सबसे ज्यादा परेशानी इमरजेंसी में आने वाले मरीजों,और दिल के मरीजों, गर्भवती महिलाओं समेत अन्य गंभीर रोगियों को हो रही है। उनके लिए निर्धारित लिफ्ट में भी अब परिजनों और सामान्य मरीजों की भीड़ पहुंच रही है।
Hamidiya hospital bhopal: 3 से छह माह में भुगतान हो जाता था
बता दें की हमीदिया अस्पताल के इन दोनों नए भवनों में लिफ्ट संचालन का कॉन्ट्रैक्ट एक निजी एजेंसी के पास है। गांधी मेडिकल कॉलेज ने इसका टेंडर पीडब्ल्यूडी के जरिए कराया था। शुरुआत के 2 वर्षों में बीच-बीच में बजट की कमी आई, लेकिन 3 से छह माह में भुगतान हो जाता था।
Hamidiya hospital bhopal: 3.25 करोड़ रुपए पिछले एक साल से बकाया
अब बीते 1 साल से मेडिकल कॉलेज की ओर से पीडब्ल्यूडी को भुगतान नहीं किया गया, जिससे आगे एजेंसी का भुगतान अटक गया। करीब 3.25 करोड़ रुपए पिछले एक साल से बकाया हैं। इस स्थिति में सैलेरी नहीं मिल रही है।
डीन बोलीं- वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजा
गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता एन सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेज दी गई है। इसके अलावा पत्र लिखकर बजट की मांग की गई है। जैसे ही बजट मिलेगा, भुगतान कर दिया जाएगा।
