hamas israel ceasefire proposal urgent talks 2025: हमास-इजराइल 60 दिन के युद्ध विराम पर तुरंत बातचीत के लिए तैयार
hamas israel ceasefire proposal urgent talks 2025: फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास ने इजराइल के साथ 60 दिन के युद्ध विराम प्रस्ताव पर तुरंत बातचीत के लिए सहमति जताई है। यह प्रस्ताव कतर की मध्यस्थता में आया है और इजराइल ने इसे दो दिन पहले मंजूरी दे दी है। अगर यह युद्ध विराम लागू हो जाता है तो यह क्षेत्र में कुछ समय के लिए शांति का संदेश होगा।
हमास और इजराइल के बीच जंग का हाल
7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुए इस भीषण संघर्ष में अब तक 56 हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस संघर्ष ने न केवल मानव जीवन को भारी नुकसान पहुंचाया है बल्कि गाजा में लगभग पांच लाख लोगों को भुखमरी और विस्थापन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हमला किया था, जिसमें 1,200 से अधिक इजराइली मारे गए और 251 बंधक बनाए गए। हमास का कहना है कि यह हमला इजराइल के कब्जे, गाजा की नाकेबंदी और हजारों फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई के लिए किया गया।

इजराइल ने जवाबी कार्रवाई में गाजा पर बड़े पैमाने पर बमबारी और जमीनी हमले किए। इजराइल का दावा है कि उसका मकसद हमास को खत्म करना और बंधकों को छुड़ाना है।
युद्ध विराम प्रस्ताव के मुख्य बिंदु
- 10 जीवित इजराइली बंधकों की रिहाई होगी
- 18 मृत इजराइली बंधकों के शव लौटाए जाएंगे
- 60 दिनों का युद्ध विराम लागू होगा
- युद्ध विराम के दौरान स्थायी शांति के लिए बातचीत होगी
इजराइल भी मान चुका प्रस्ताव
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस प्रस्ताव को लेकर असमंजस में हैं। उनकी दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार के कई सदस्य इस युद्ध विराम को स्वीकार करने पर सरकार गिराने की धमकी दे रहे हैं। इस कारण युद्ध विराम की स्थिति फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है।
हमास की मांगें
हमास के नए नेता इज्ज अल-दीन अल-हद्दाद ने गाजा से इजराइली सेना की वापसी, कैदियों की रिहाई और गाजा के पुनर्विकास की मांग की है।
मानवीय संकट गहरा रहा है
गाजा में अब तक लगभग 80 प्रतिशत लोग विस्थापित हो चुके हैं और अधिकांश बुनियादी ढांचा नष्ट हो चुका है। खाद्य आपूर्ति तीन महीने तक रुकने की वजह से लाखों लोगों को भूखमरी का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार अगर इजराइल पाबंदियां हटाता है तो ही स्थिति में सुधार हो सकता है।
युद्ध विराम की पूर्व कोशिशें
पिछले साल जनवरी में ट्रम्प के शपथ ग्रहण से एक दिन पहले भी एक युद्ध विराम हुआ था, जिसमें बंधकों की रिहाई के लिए तीन चरण तय किए गए थे। पहला चरण मार्च में पूरा हो गया था लेकिन दूसरे चरण पर अभी तक बातचीत शुरू नहीं हो पाई है।
18 मार्च को इजराइल ने गाजा पर फिर से हमले शुरू कर दिए थे, जिससे स्थिति और खराब हो गई थी।
60 दिन के युद्ध विराम प्रस्ताव पर दोनों पक्षों की सहमति और बातचीत की शुरुआत से फिलिस्तीन-इजराइल संघर्ष में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। यह क्षेत्रीय स्थिरता और मानवीय संकट के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। हालांकि राजनीतिक असमंजस और शर्तों के चलते इस प्रस्ताव को लागू करना अभी चुनौतीपूर्ण है।
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