क्या अब गाजा में जंग खत्म होगी?
हमास ने गाजा युद्धविराम पर हामी भरी, बंधकों की रिहाई पर सहमति नेतन्याहू की ‘ऑल-ऑर-नथिंग’ नीति बनी रुकावट! गाजा पट्टी में 19 महीने से जारी खूनी संघर्ष में एक बड़ा मोड़ आ सकता है। हमास ने सीजफायर प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए, इजराइली बंधकों की आंशिक रिहाई को मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव अमेरिका, कतर और मिस्र की मध्यस्थता से जून में लाया गया था।

हमास क्या मान गया है?
60 दिनों का प्रारंभिक सीजफायर, इस दौरान बंधकों को दो चरणों में छोड़ेगा स्थायी युद्धविराम पर बातचीत भी शुरू होगी लेकिन अब गेंद इजराइल के पाले में है क्या नेतन्याहू तैयार होंगे?
नेतन्याहू अड़े – सभी बंधक एक साथ छोड़े जाएं
12 अगस्त को नेतन्याहू ने साफ कर दिया था कि
जब तक सभी बंधकों को एक बार में रिहा नहीं किया जाता, कोई समझौता नहीं होगा।
वहीं इजराइल में जनता का दबाव बढ़ता जा रहा है। हजारों लोगों ने रविवार को सड़कों पर उतरकर जंग खत्म करने और बंधकों की रिहाई की मांग की। तेल अवीव और यरुशलम में आगजनी और रास्ते जाम हुए। 38 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
विरोध की तस्वीरें
बंधकों के परिवार सड़क पर उतर गए हैं, प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को ब्लॉक किया, आगजनी की है, पुलिस ने 38 लोगों को अरेस्ट किया पूरा इलाका जाम हो गया
इजराइल की जवाबी रणनीति क्या है?
8 अगस्त को इजराइली कैबिनेट ने गाजा सिटी पर कब्जे की योजना को मंजूरी दी PM नेतन्याहू बोले
हम गाजा के हर हिस्से से हथियार खत्म करेंगे
इजराइल की 5 प्रमुख शर्तें हमास से
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हमास पूरी तरह हथियार डाले
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सभी बंधकों की रिहाई
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गाजा से हमास का सैन्य सफाया
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गाजा में इजराइल का सुरक्षा नियंत्रण
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एक वैकल्पिक प्रशासन बने न हमास, न PA
कौन कितना कंट्रोल में है?
गाजा के 75% इलाके पर इजराइल का कब्जा है, सिर्फ 25% में हमास की पकड़, जहां कुछ बंधक अब भी हो सकते हैं नेतन्याहू ने पहले पूरी गाजा पट्टी कब्जाने की बात कही थी अब सिर्फ गाजा सिटी को लक्ष्य बनाया गया है
अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढ़ा जर्मनी ने हथियार सप्लाई रोकी
जर्मनी ने इजराइल को हथियार देना रोका है। चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज ने कहा
गाजा में निर्दोषों की मौत और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन के कारण ये फैसला लिया गया। अब तक युद्ध में 60,933 मौतें, और 1.5 लाख से ज्यादा घायल हैं.
गाजा का संकट 5 लाख लोग भूखे, हर दिन 28 बच्चों की मौत
UN और यूनिसेफ की रिपोर्ट दिल दहला देने वाली है हर दिन 28 बच्चों की मौत हो रही है अब तक 18,000 से ज्यादा बच्चे मारे गए. भूख से 188 मौतें, जिनमें 94 बच्चे, 5 लाख लोग भुखमरी के कगार पर हैं, कुपोषण से सिर्फ शनिवार को 7 मौतें हो गई
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